कानपुर: झूठी गवाही देने वाले दंपति पर चलेगा केस, महिला आरोपी बरी
कानपुर की एक अदालत ने अपहरण के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपर जिला जज आजाद सिंह ने वादी के बयान से मुकर जाने के बाद आरोपी महिला को बरी कर दिया है। हालांकि, रिपोर्ट दर्ज कराने वाले युवती के जीजा और झूठी गवाही देने वाली उसकी पत्नी के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
यह मामला छपेड़ा पुलिया निवासी संदीप कुमार तिवारी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से जुड़ा है। संदीप ने आरोप लगाया था कि उसकी मंदबुद्धि साली सुचित्रा शुक्ला 23 जुलाई 2015 से लापता है। उन्होंने रूरा के बजरंग नगर निवासी विमलेश उर्फ मिथलेश कुमारी, उसके जेठ भगवानदीन और घाटमपुर उमरी निवासी आनंद तिवारी पर साली के अपहरण का आरोप लगाया था। पुलिस ने विवेचना के बाद विमलेश के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी।
अभियोजन की ओर से संदीप तिवारी और उनकी पत्नी रुचिका सहित पांच गवाहों के बयान दर्ज होने थे। लेकिन, अदालत में संदीप और रुचिका अपने पूर्व के बयानों से मुकर गए। इस पर कोर्ट ने उन्हें पक्षद्रोही मानते हुए आरोपी महिला विमलेश को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। वहीं, गवाह रुचिका और मुकदमा दर्ज कराने वाले संदीप के खिलाफ झूठी गवाही देने के आरोप में प्रकीण वाद दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इस तरह के मामले न्याय व्यवस्था के लिए चुनौती पेश करते हैं, जहाँ गवाहों का अपने बयानों से पीछे हटना मामले को प्रभावित करता है।
झूठी गवाही पर दंपति पर चलेगा केस, अपहरण मामले में महिला बरी
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