कन्नौज: सौतेले पिता ने फेंका कचरे में, स्वास्थ्यकर्मी की तत्परता से बची जान
कन्नौज में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। एक सौतेले पिता ने अपनी पत्नी के घर छोड़कर चले जाने के बाद अपने दो साल के मासूम बेटे को मरने के लिए कचरे में फेंक दिया। बच्चे की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उसके सिर में लगे घाव में कीड़े और मवाद पड़ गए थे। वहीं से गुजर रही एक महिला स्वास्थ्यकर्मी की सतर्कता और तत्परता से इस मासूम की जान बच सकी। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बच्चे को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया, जहाँ अब उसकी हालत में सुधार हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार, शहर के मानपुर मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति ने करीब एक साल पहले बिहार की एक महिला से दूसरी शादी की थी। महिला पहले से विवाहित थी और अपने साथ एक साल का बेटा भी लाई थी। बताया गया है कि पति अक्सर नशे की हालत में पत्नी के साथ मारपीट करता था। इसी वजह से डेढ़ माह पहले महिला बच्चे को घर में छोड़कर कहीं चली गई। बच्चा पहले से ही कुपोषित था। 12 नवंबर को उसके सिर में चोट लग गई। इसके बाद शराबी सौतेले पिता ने उसे मारने की नीयत से घर से कुछ दूरी पर तालाब किनारे कचरे में फेंक दिया।
लगभग दो दिन तक कचरे और कूड़े में पड़े रहने के कारण मासूम के सिर के घाव में कीड़े पड़ गए थे। इस दौरान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की प्रभारी शिवांगी मिश्रा की नजर बच्चे पर पड़ी। उन्होंने तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन को फोन कर मामले की जानकारी दी। चाइल्ड हेल्पलाइन के कर्मचारी तौसीफ ने बताया कि मासूम का जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने बताया कि मासूम के सिर में गहरा जख्म था, जिसमें संक्रमण फैल गया था।
बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बुधवार को उसकी सौतेली दादी उसे लेने पहुंची थी, लेकिन चिकित्सकों ने बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए उसे सौंपने से इनकार कर दिया। चाइल्ड हेल्पलाइन के कर्मचारी तौसीफ ने बताया कि नियमानुसार, बच्चे को उसके माता-पिता को ही सौंपा जा सकता है। अभी तक बच्चे के पिता या मां में से कोई भी अस्पताल नहीं पहुंचा है। बच्चे की हालत में सुधार होने पर उसे बाल कल्याण समिति को सौंपा जाएगा।
इस गंभीर मामले का राज्य महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने बच्चे के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद अधिकारी अब मासूम के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं और उस पर निगरानी रख रहे हैं। बच्चे के सिर में लगी चोट में कीड़े पड़ने के कारण संक्रमण (सेप्सिस) फैल गया था। 14 नवंबर को जब बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब उसका वजन 6.800 किलोग्राम था, जो अब बढ़कर 7.800 किलोग्राम हो गया है। चाइल्ड लाइन कर्मचारी गीता शर्मा को बच्चे की देखभाल के लिए केयर टेकर नियुक्त किया गया है।
