किशोरी से दुराचार: दोषी कन्हैया को आजीवन कारावास की सजा
वृंदावन कोतवाली क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना में, एक 12 वर्षीय किशोरी से दुराचार के मामले में दोषी पाए गए कन्हैया पुत्र गुमान अहिरवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एडीजे विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट, संतोष कुमार त्रिपाठी की अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह मामला 22 जुलाई 2023 को तब सामने आया जब वृंदावन में एक निजी अस्पताल के बाहर सड़क किनारे परांठे की दुकान लगाने वाली एक महिला ने अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी 12 वर्षीय बेटी, जो लोगों को खाना परोसने का काम करती थी, नियमित रूप से उनकी दुकान पर आने वाले कन्हैया अहिरवार का शिकार हुई। इस घृणित कृत्य के परिणामस्वरूप किशोरी गर्भवती हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, सुनवाई एडीजे विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी की अदालत में हुई। विशेष लोक अभियोजक अलका उपमन्यु ने अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। उन्होंने प्रभावी ढंग से कन्हैया के खिलाफ सबूत पेश किए, जिससे अदालत ने उसे किशोरी के साथ दुराचार का दोषी पाया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे जघन्य अपराध समाज के लिए कलंक हैं और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का दुस्साहस करने की हिम्मत न कर सके। आजीवन कारावास की सजा इस बात का प्रमाण है कि न्यायपालिका ऐसे मामलों में कितनी गंभीर है। 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, जो पीड़ित परिवार के लिए कुछ हद तक राहत प्रदान कर सकता है।
इस फैसले का उद्देश्य न केवल आरोपी को दंडित करना है, बल्कि समाज में यह संदेश देना भी है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह घटना बाल सुरक्षा के प्रति समाज की जागरूकता को और भी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देती है।
