किम सू ह्यून की एजेंसी के सीईओ का इस्तीफा: क्या है पूरा सच?
दक्षिण कोरियाई मनोरंजन जगत में हलचल उस वक्त तेज हो गई जब अभिनेता किम सू ह्यून की एजेंसी, गोल्ड मेडलिस्ट के सीईओ आह्न सुंग सू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह खबर ऐसे समय में आई है जब अभिनेत्री किम से रॉन की मां ने हाल ही में अपनी बेटी के किम सू ह्यून के साथ कथित रिश्ते को लेकर नए सबूत पेश किए हैं। इन आरोपों के अनुसार, यह रिश्ता तब शुरू हुआ था जब किम से रॉन नाबालिग थीं।
सूत्रों के अनुसार, आह्न सुंग सू ने लगभग दो महीने पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उन्होंने इस साल की शुरुआत में ही एजेंसी ज्वाइन की थी और करीब नौ महीने तक कंपनी का नेतृत्व किया। उन्हें मार्च में किम सू ह्यून के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी देखा गया था। उनके इस्तीफे के बाद, एजेंसी ने हानवाह के पूर्व कार्यकारी को नए प्रमुख के तौर पर नियुक्त किया है।
यह इस साल एजेंसी में दूसरा बड़ा इस्तीफा है। इससे पहले, एक अन्य पूर्व सीईओ, जिनकी पहचान केवल ‘ए’ के रूप में की गई है, ने भी 2024 की शुरुआत में पद छोड़ दिया था। वे दिसंबर 2023 के आसपास पद पर थे और किम से रॉन के नशे में गाड़ी चलाने के मामले से जुड़े मुआवजे की बातचीत संभाल रहे थे। उन्होंने कंपनी पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ से बचने के प्रयास भी किए थे।
इन इस्तीफों ने किम सू ह्यून और किम से रॉन के परिवार के बीच चल रहे कानूनी मामले को और पेचीदा बना दिया है। यह दावा किया जा रहा है कि किम सू ह्यून और किम से रॉन छह साल से रिश्ते में थे, और सबसे बड़ा विवाद यह है कि यह रिश्ता तब शुरू हुआ जब किम से रॉन स्कूल में थीं और नाबालिग थीं।
शुरुआत में, किम सू ह्यून ने इस रिश्ते से पूरी तरह इनकार किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों के बीच एक संक्षिप्त रिश्ता था, लेकिन यह तब शुरू हुआ जब किम से रॉन वयस्क हो चुकी थीं। उनके इस बयान ने मामले को और जटिल बना दिया।
किम से रॉन की अचानक मृत्यु के बाद, किम सू ह्यून के साथ उनका पुराना रिश्ता फिर से चर्चा में आ गया। किम से रॉन का निधन 16 फरवरी को हुआ था, जो संयोगवश किम सू ह्यून का जन्मदिन भी था। इस संयोग ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी। किम से रॉन का शव उनके सियोल स्थित घर में मिला था, जिससे उनके परिवार और एजेंसी के बीच कानूनी तनाव और बढ़ गया।
इन सभी घटनाओं ने प्रशंसकों और आम जनता के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या एजेंसी इन विवादों में फंस गई है? एजेंसी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब सभी की निगाहें अदालत पर टिकी हैं, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी कहानी पेश कर रहे हैं।
