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ई-केवाईसी से चूके लाखों लाभार्थी, राशन कार्ड से कटे नाम, डाटा होल्ड

By Dec 6, 2025

उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी न करने वाले 1,93,152 लाभार्थियों के नाम राशन सूची से हटा दिए गए हैं। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने इन लाभार्थियों के डेटा को होल्ड कर दिया है, जिससे आगामी राशन वितरण पर असर पड़ सकता है। सरकार का लक्ष्य राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और अपात्रों व मृतकों के नाम सूची से हटाकर जरूरतमंदों तक अनाज पहुंचाना है।

इस प्रक्रिया के तहत, राशन कार्ड धारकों को ई-केवाईसी कराने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। इस दौरान, जिन लाभार्थियों ने ई-केवाईसी नहीं कराया, उनके अनाज वितरण को भी रोका गया था। हालांकि, तीन महीने की अवधि समाप्त होने के बाद भी एक बड़ी संख्या में लाभार्थी इस प्रक्रिया से वंचित रह गए। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कुल 7,03,763 राशन कार्ड पर 25,63,643 लाभार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें से 1,93,152 लाभार्थियों का डेटा होल्ड किया गया है।

विभिन्न जिलों में ई-केवाईसी न कराने वाले लाभार्थियों की संख्या अलग-अलग है। उदाहरण के लिए, बहराइच जिले में नवाबगंज में 9855, विशेश्वरगंज में 11491, जरवल में 12827, और मिहींपुरवा में 15575 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। इसी तरह, कैसरगंज, फखरपुर, चित्तौड़ा, तेजवापुर, शिवपुर, रिसिया, बलहा, हुजूरपुर और महसी जैसे क्षेत्रों में भी हजारों की संख्या में लाभार्थी इस सूची में शामिल हैं।

जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार, ‘तीन माह का समय मिलने के बाद भी एक भारी संख्या में लाभार्थियों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है। इनका डाटा एनआईसी द्वारा होल्ड किया गया है। राशन कार्ड से नाम काटने के संबंध में अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं।’ यह स्पष्ट नहीं है कि इन लाभार्थियों को राशन कार्ड से हटाया जाएगा या उन्हें एक और मौका दिया जाएगा। फिलहाल, उनके डेटा पर रोक लगा दी गई है, जिससे आगे की कार्रवाई के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इस कदम से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे।

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