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केंद्र सरकार की नई सौगात: SC छात्रों के लिए छात्रवृत्ति बढ़कर हुई 2 लाख रुपये

By Nov 28, 2025

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए, केंद्र सरकार ने उनकी छात्रवृत्ति की राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब SC छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रति वर्ष दो लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति मिलेगी। यह महत्वपूर्ण कदम शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से प्रभावी होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के मेधावी छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को सुलभ बनाना है।

इन संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत, IIT, AIIMS, IIM जैसे देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पाने वाले उन छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिनके परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम है। योजना के अनुसार, छात्रों को न केवल उनकी पूरी ट्यूशन फीस का भुगतान किया जाएगा, बल्कि उन्हें शैक्षणिक भत्ते के रूप में भी राशि मिलेगी। पहले वर्ष में 86 हजार रुपये और उसके बाद के वर्षों में 41 हजार रुपये का यह भत्ता आवास, पुस्तकों और लैपटॉप जैसी आवश्यक चीजों के लिए होगा। यह राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।

यह छात्रवृत्ति योजना केवल उन अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए है, जिन्होंने अधिसूचित संस्थानों में प्रवेश प्राप्त किया है। इसमें IIT, IIM, AIIMS, NIT, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, NIFT, NID और अन्य मान्यता प्राप्त संस्थान शामिल हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एक ही परिवार के दो से अधिक भाई-बहन इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। चयन के बाद यदि कोई छात्र संस्थान बदलता है, तो उसकी पात्रता समाप्त हो जाएगी।

मंत्रालय ने इस योजना के तहत 2024-25 के लिए कुल 4400 नई छात्रवृत्तियों का आवंटन निर्धारित किया है। योजना की कुल सीमा 2021-22 से 2025-26 तक 21,500 आवंटन है, जिसमें 30 प्रतिशत छात्रवृत्तियां अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए आरक्षित होंगी। यदि पर्याप्त छात्राएं उपलब्ध नहीं होती हैं, तो उनके कोटे की छात्रवृत्ति छात्रों को दी जा सकती है।

संस्थानों पर भी छात्रों के जाति और आय प्रमाण पत्रों के सत्यापन, अपनी विवरणिकाओं (प्रोस्पेक्टस) में इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन की निरंतर निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों या छात्रों को योजना से बाहर किया जा सकता है। यह पहल देश भर के लाखों SC छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के द्वार खोलेगी और उन्हें भविष्य में बेहतर अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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