काशी के मंदिर मार्ग पर गूंजेगी ‘ऊं नम: शिवाय’ की दिव्य ध्वनि
उत्तर प्रदेश सरकार की एक अभिनव पहल के तहत, वाराणसी के ऐतिहासिक मंदिर मार्गों पर अब ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्रोच्चार की मधुर ध्वनि गूंजेगी। इस महत्वपूर्ण कदम से काशी का आध्यात्मिक वातावरण और भी पवित्र हो जाएगा, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को असीम शांति का अनुभव होगा। यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय निवासियों में भी उत्साह का संचार करेगी और काशी की सदियों पुरानी धार्मिक पहचान को और मजबूत करेगी।
डिजिटल टीम द्वारा वाराणसी में कार्यान्वित की जा रही इस योजना के अंतर्गत, आकाशवाणी की तर्ज पर एक विशेष ऑडियो सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। इसके माध्यम से काशी आने वाले पर्यटक शहर के धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को सुन सकेंगे। योजना के अनुसार, काल भैरव मंदिर चौराहा से मैदागिन चौराहा, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से होते हुए गोदौलिया चौराहा से दशाश्वमेध घाट तक इस विशेष ऑडियो प्रणाली को स्थापित किया जाएगा।
इस प्रणाली के माध्यम से निरंतर मंत्रोच्चारण, धार्मिक ध्वनियां और काशी से संबंधित जानकारियां प्रसारित की जाएंगी। वर्तमान में, काल भैरव मंदिर के मार्ग पर ‘ॐ’ तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ की ध्वनि पहले से ही सुनाई दे रही है। यह परियोजना श्रद्धालुओं को एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ, काशी की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत बनाए रखने का कार्य करेगी।
वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा निर्धारित ‘एक्शन प्लान फॉर काशी एंड सारनाथ’ के तहत, वाराणसी शहर के 18 चिन्हित स्थानों के सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई कार्य प्रस्तावित हैं। इसी योजना का एक हिस्सा यह ऑडियो सिस्टम की स्थापना है। सूत्रों के अनुसार, सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक ‘ॐ’ एवं ‘नमः शिवाय’ की ध्वनि, मंत्रोच्चारण, धार्मिक ध्वनियां और काशी से संबंधित जानकारियां प्रसारित की जाएंगी।
वीडीए के अधिकारियों ने बताया कि काल भैरव चौराहे से मंदिर जाने वाले मार्ग तक ऑडियो सिस्टम स्थापित हो चुका है, जिसमें ‘ॐ’ की ध्वनि तीन बार और ‘ॐ नमः शिवाय’ एक बार बजता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों और श्रद्धालुओं को काशी के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों की जानकारी देना है, ताकि वे शहर के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को बेहतर ढंग से समझ सकें। इसके साथ ही, यह स्थानीय नागरिकों और आगंतुकों को एक विशिष्ट आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराने में भी सहायक होगा। मंत्रोच्चारण और धार्मिक ध्वनियों के माध्यम से क्षेत्रीय वातावरण को एक विशेष धार्मिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा, जो काशी की प्राचीन परंपराओं और मान्यताओं को संजोए रखेगा।
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