कासगंज-सोरों में बिजली उपभोक्ताओं पर ₹120 करोड़ का भारी बकाया, राहत योजना लागू
कासगंज शहर और सोरों क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं पर विद्युत विभाग का एक अरब रुपये से अधिक का भारी बकाया है। विद्युत वितरण खंड, सोरों, कासगंज के तहत कुल 63047 उपभोक्ताओं पर 120 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि बकाया चल रही है। यह स्थिति उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है, वहीं विभाग भी इस बकाया राशि को वसूलने के लिए प्रयासरत है।
इस समस्या के समाधान के लिए, विद्युत विभाग ने ‘बिजली बिल राहत योजना 2025-26’ और ‘एक मुश्त समाधान योजना’ को लागू किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान करना है, ताकि वे अपने बकाया बिलों का भुगतान आसानी से कर सकें। अधिशासी अभियंता के अनुसार, यह योजना 1 दिसंबर से 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी।
योजना के तहत, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के एलएमवी-एक (घरेलू) श्रेणी के दो किलोवॉट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं और एलएमवी-दो (वाणिज्यिक) श्रेणी के एक किलोवॉट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। विशेष रूप से, ऐसे उपभोक्ता जिन्होंने 31 मार्च के बाद भुगतान नहीं किया है, या जिन्होंने कभी भी बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है (लेकिन उनका कनेक्शन 31 मार्च से पहले का है), वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत, उपभोक्ता मूलधन पर अर्जित सरचार्ज से पूरी तरह मुक्त हो सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में पंजीकरण कराने वाले और धनराशि जमा करने वाले उपभोक्ताओं का ब्याज माफ कर दिया जाएगा। यह कदम उपभोक्ताओं को आकर्षित करने और बकाया राशि की वसूली में तेजी लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके अतिरिक्त, विद्युत चोरी के मामलों में भी राहत दी गई है। ऐसे उपभोक्ता जो विद्युत चोरी के प्रकरणों में राजस्व निर्धारण की राशि जमा कराते हैं, उन्हें 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिल सकता है।
यह देखा गया है कि बकायादारों में अधिकांश ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद से कभी भी विद्युत बिल का भुगतान नहीं किया है। इस योजना के माध्यम से, विभाग न केवल बकाया राशि वसूलने की उम्मीद कर रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं को नियमित भुगतान के लिए भी प्रेरित करना चाहता है। यह कदम विद्युत विभाग के राजस्व को बढ़ाने और उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
