कासगंज में सामूहिक विवाह: 254 जोड़ों ने थामे एक-दूसरे के हाथ, प्रशासन ने दी विदाई
कासगंज। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गुरुवार को शहर के बारह पत्थर मैदान में 254 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। मंत्रोच्चारण और सात फेरों के साथ नवविवाहितों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया। इस अवसर पर प्रशासन की ओर से नवदंपतियों को उपहार देकर विदा किया गया।
विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों के रिश्तेदार और परिजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष रत्नेश कश्यप, जिलाधिकारी प्रणय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) वीरेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त) दिग्विजय प्रताप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुशील कुमार और समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पांडेय मंच पर उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने इस अवसर पर कहा कि शुभ विवाह पाणिग्रहण संस्कार जीवन का एक अत्यंत पवित्र गठबंधन है। इसमें पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ समर्पित जीवन जीते हुए समाज और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। यह योजना ऐसे जोड़ों को सहारा देने का एक नेक प्रयास है।
हालांकि, इस बार के सामूहिक विवाह समारोह में एक अलग ही स्थिति देखने को मिली, जिसने प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। अब तक आयोजित हुए ऐसे आयोजनों में मंच पर जनपद के विधायकों, विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) और भाजपा नेताओं की उपस्थिति सुनिश्चित रहती थी। लेकिन गुरुवार को हुए इस भव्य समारोह में सत्ताधारी दल के विधायक अनुपस्थित रहे।
विधायकों ने इस मामले को एक तरह की अनदेखी माना है और कहा है कि वे इस बारे में शासन को अवगत कराएंगे। एक विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे स्वयं भी इस बात से आश्चर्यचकित हैं कि प्रशासन में ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि शासन से स्पष्ट निर्देश हैं कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के आयोजनों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। विधायकों के इस रुख से आयोजकों और संबंधित विभागों में भी चिंता का माहौल है।
