कार तालाब में गिरी, युवक की बाल-बाल बची जान, ग्रामीणों ने बचाया
उत्तर प्रदेश के पिलिभीत में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया, जब 25 वर्षीय युवक शिवम की कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने तालाब में जा गिरी। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद सतर्क ग्रामीणों और एक नाविक ने तत्परता दिखाते हुए युवक को डूबने से बचा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार मारुति सुजुकी अर्टिगा कार अचानक सड़क से फिसलकर तालाब में समा गई। कुछ ही पलों में कार पूरी तरह से पानी में डूब गई, जिसे देखकर सड़क पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। कार में फंसे शिवम को बचाने के लिए तालाब में मौजूद एक नाविक और एक राहगीर ने तुरंत पानी में छलांग लगा दी। उन्होंने पूरी तरह से डूबी हुई कार से शिवम को बाहर निकालने में सफलता पाई, जो कुछ मिनटों की देरी होने पर जानलेवा साबित हो सकता था।
बचाव कार्य में शामिल दिनेश कुशवाहा ने बताया, “मैं राजमार्ग से गुजर रहा था जब मैंने कार को तालाब में डूबते देखा। मैंने बिना सोचे-समझे पानी में छलांग लगा दी और नाविक की मदद से युवक को बाहर निकाला।”
सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नरेश त्यागी, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने बाद में तालाब से कार को भी बाहर निकाला।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “जानकारी मिलते ही हमारी टीमें मौके पर पहुंच गईं। चालक को निकालकर अस्पताल ले जाया गया और वाहन को सुरक्षित निकाल लिया गया है।”
शिवम को तत्काल पिलिभीत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर लेकिन स्थिर बताया है और कहा है कि उसे समय पर आपातकालीन देखभाल मिल गई थी।
इस घटना ने उस राजमार्ग पर सुरक्षा खामियों को उजागर किया है जो तालाब के तीन तरफ से गुजरता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक उच्च सुरक्षा और उच्च यातायात वाला गलियारा होने के बावजूद, यहां पर्याप्त सुरक्षा बैरिकेड्स की कमी है। इस क्षेत्र में जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक के आधिकारिक निवास, एक स्थानीय अदालत परिसर और राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार का निवास भी स्थित है। इसके बावजूद, तालाब के चारों ओर सुरक्षात्मक अवरोधों की अनुपस्थिति के कारण यह क्षेत्र बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं और डूबने की घटनाओं का शिकार बन रहा है।
