कांग्रेस विधायक का दारोगा विवाद पर बयान, बोले- ‘आधी वीडियो चलाकर छवि धूमिल करने की साजिश’
कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने दारोगा के साथ हुई बहस के वायरल वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह उनकी छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश है। विधायक का आरोप है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर वीडियो का केवल आधा हिस्सा प्रसारित किया है, जिसमें दारोगा का शुरुआती दुर्व्यवहार छिपा हुआ है। उन्होंने इस पूरी घटना की गहन जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और साजिश रचने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।
बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान, विधायक अधिकारी ने घटना का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि सोमवार को वे भिंगराड़ा में एक अग्निवीर जवान के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। वहां भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए, एक जनप्रतिनिधि के तौर पर उन्होंने पाटी थाने के प्रभारी एसओ से व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का आग्रह किया था। विधायक के अनुसार, दारोगा ने उचित जवाब देने के बजाय उत्तेजित होकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा पहुंची।
विधायक ने आगे बताया कि बाद में पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) शिवराज सिंह राणा और दारोगा के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया था। दारोगा ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी थी और दोनों पक्षों ने उस प्रकरण को वहीं समाप्त कर दिया था। लेकिन, कुछ समय बाद, कुछ असामाजिक तत्वों ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो का वह हिस्सा प्रसारित कर दिया जिसमें दारोगा का दुर्व्यवहार शामिल नहीं था, और केवल विधायक द्वारा की गई टिप्पणी को दिखाया गया। विधायक का मानना है कि यह हरकत तस्करी से जुड़े लोगों की हो सकती है, जो अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए जनप्रतिनिधियों को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी छवि को खराब नहीं होने देंगे और सच को सामने लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। यह घटना सार्वजनिक स्थानों पर जनप्रतिनिधियों और पुलिस के बीच संवाद और व्यवहार के महत्वपूर्ण मुद्दे को भी उजागर करती है।
