कानपुर के भन्नानापुरवा में 60 हजार लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित, महापौर से शिकायत
कानपुर के वार्ड छह भन्नानापुरवा में लगभग 60 हजार निवासियों का जीवन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों से घिरा है। पेयजल संकट, चारों ओर फैली गंदगी, और जर्जर सड़कें यहां की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। स्थानीय लोगों को न केवल इन समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, बल्कि आवारा पशुओं और कुत्तों का बढ़ता आतंक भी उनकी दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है।
क्षेत्र में पेयजल की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। वार्ड के लिए दो नलकूपों की स्थापना हेतु धन स्वीकृत हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। पीने के पानी के लिए जनता को दर-बदर भटकना पड़ रहा है और कई स्थानों पर लगे हैंडपंप भी बंद पड़े हैं। निवासियों का कहना है कि यदि ये नलकूप जल्द चालू हो जाएं तो क्षेत्र की आधी से अधिक पेयजल समस्या का समाधान हो सकता है।
पेयजल के अलावा, वार्ड में गंदगी का अंबार और टूटी सड़कें भी जनता के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। राखी मंडी जैसे इलाकों में कूड़े के ढेर अक्सर देखे जा सकते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। सड़कों की खराब हालत के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
आवारा पशुओं, विशेषकर कुत्तों का आतंक भी यहां की एक गंभीर समस्या है। दिन के समय भी लोगों का सड़क पर निकलना दूभर हो जाता है। रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, क्योंकि वार्ड में कई जगह स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर कुत्ते राहगीरों पर हमला कर देते हैं, जिससे कई लोग घायल हो चुके हैं। वाहनों के हॉर्न की आवाज सुनकर भी कुत्ते हमलावर हो जाते हैं, जिसके कारण कई लोग गिरकर चोटिल हुए हैं। स्थानीय लोग बंद लाइटों को चालू कराने और आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।
इन गंभीर समस्याओं से जूझ रही जनता ने कारवालो नगर के रामलीला मैदान में आयोजित एक जनसुनवाई कार्यक्रम में अपनी व्यथा महापौर और नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष रखी। महापौर प्रमिला पांडेय ने लोगों की शिकायतें ध्यानपूर्वक सुनीं और उन्हें तत्काल समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा। इस आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों में कुछ उम्मीद जगी है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का अंत हो सकेगा।
