कैग अधिकारी ने पेश की मिसाल, दहेज में मांगी सिर्फ एक रुपया और नारियल
कस्बे के भारी दीनदारपुर गांव के मूल निवासी रजनीश नागर, जो वर्तमान में नागपुर में कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) विभाग में ऑडिट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, ने दहेज प्रथा के खिलाफ एक साहसिक और प्रेरणादायक कदम उठाया है। उन्होंने अपनी शादी में वधु पक्ष से किसी भी प्रकार के दहेज की मांग को सिरे से खारिज कर दिया और समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
हाल ही में गाजियाबाद निवासी रेलवे इंजीनियर मनीषा के साथ संपन्न हुए विवाह समारोह में, रजनीश ने न केवल दहेज लेने से इंकार किया, बल्कि वधु पक्ष द्वारा स्नेहवश दिए गए लाखों रुपये के दहेज को भी सम्मानपूर्वक लौटा दिया। उन्होंने विवाह की रस्मों के तौर पर शगुन के रूप में मात्र एक रुपया और एक नारियल स्वीकार किया। यह कदम उन लोगों के लिए एक सशक्त संदेश है जो आज भी दहेज को सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक मानते हैं।
रजनीश के पिता रणजीत सिंह ने भी अपने पुत्र के इस निर्णय का पूर्ण समर्थन किया। पिता-पुत्र के इस दृढ़ संकल्प को देखकर, वधु मनीषा के पिता भंवर सिंह ने भी बिना किसी हिचकिचाहट के इस दहेज-मुक्त विवाह को सहर्ष स्वीकार किया। उन्होंने रजनीश के इस कदम की सराहना की और कहा कि ऐसे विचारों से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
इस विवाह ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची खुशी धन-दौलत या दहेज के लेन-देन में नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सम्मान और समझ में निहित है। रजनीश नागर का यह कदम उन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा जो दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का साहस रखते हैं। यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि समाज में बदलाव लाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर उठाए गए कदम कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
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