एक महिला पर चार माह में तीन बार गुलदार का हमला, दहशत में ग्रामीण
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के थाना क्षेत्र में गुलदार के बढ़ते हमलों ने ग्रामीणों के बीच खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। शेरकोट के गांव नूरपुर छीपरी की निवासी 32 वर्षीय ऋतुराज देवी पिछले चार महीनों में तीन बार गुलदार का शिकार होने से बाल-बाल बची हैं। इस लगातार हमले ने न केवल महिला को बल्कि पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, जिसके चलते ऋतुराज अब खेतों में जाने से साफ इनकार कर रही हैं।
नवीनतम घटना 13 नवंबर को हुई, जब ऋतुराज देवी दोपहर के समय अपने खेत में गन्ना छील रही थीं। अचानक पीछे से आए गुलदार ने उनकी गर्दन पर हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे, जिससे गुलदार डरकर भाग गया। इस हमले में ऋतुराज को कंधे पर पंजे से खरोंचें आईं, लेकिन उनकी जान बच गई। यह घटना उनके लिए अत्यंत भयावह साबित हुई है।
ऋतुराज देवी ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उन पर गुलदार ने हमला किया हो। इससे पहले भी वे दो बार इस जंगली जानवर का निशाना बन चुकी हैं। उनका पहला हमला इसी वर्ष 13 जुलाई को हुआ था, जब वे खेत की मेड़ पर बैठी थीं। गुलदार ने पीछे से आकर हमला किया था, लेकिन उनके पति की सतर्कता से वे बच गईं। इसके बाद, 8 सितंबर को शाम के समय खेत में एक और हमला हुआ, जिसमें उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। अब 13 नवंबर को उसी स्थान पर तीसरा हमला हुआ, जिससे उनकी दहशत और बढ़ गई है।
बार-बार एक ही व्यक्ति पर गुलदार के हमले को लेकर ग्रामीण इसे महज संयोग नहीं मान रहे हैं। उनका मानना है कि शायद एक ही गुलदार बार-बार उन्हें निशाना बना रहा है। इस घटनाक्रम ने पूरे गांव में भय का संचार कर दिया है, और लोग शाम ढलते ही अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे हैं। बच्चों और महिलाओं का अकेले बाहर निकलना दूभर हो गया है।
ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने गांव में पिंजरा भी लगाया है, लेकिन अब तक गुलदार पकड़ा नहीं गया है। धामपुर रेंज के डिप्टी रेंजर ने बताया कि महिला पर हमले के बाद पिंजरा लगाया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया जा सकता कि हमला करने वाला गुलदार एक ही था या अलग-अलग। विभाग की ओर से गश्त बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
