JMM ने VB-GRAM-G योजना को बताया घातक, कहा- केंद्र को वापस लेना होगा यह कानून | Jharkhand Politics News
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म कर लाई गई नई योजना विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GRAM-G) का कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने इस योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए “घातक” बताते हुए कहा कि यह गांवों की आजीविका व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर देगी। JMM का मानना है कि केंद्र सरकार को इस बिल को जमीन अधिग्रहण कानून की तरह वापस लेना होगा।
JMM महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस वार्ता में कहा कि वर्ष 2009 में वैश्विक आर्थिक संकट के दौर में मनरेगा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल दिया था। यह न केवल 100 दिनों के रोजगार की गारंटी देता है, बल्कि काम न मिलने पर भत्ते का भी प्रावधान करता है। इसके विपरीत, नई VB-GRAM-G योजना रोजगार की गारंटी समाप्त करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए कानून में पिक एंड चूज के आधार पर काम मिलेगा, जिससे भाजपा समर्थकों को प्राथमिकता दी जा सकती है। योजना में 60:40 के अनुपात में राज्य और केंद्र की हिस्सेदारी तय होने से राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जबकि मनरेगा में मजदूरी का 100 प्रतिशत खर्च केंद्र उठाता था।
भूमहीनों की समस्या उठाते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि 60 दिनों के कृषि कार्य का तर्क निरर्थक है, क्योंकि जिनके पास जमीन नहीं है, वे खेती कैसे करेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि कोविड काल में मनरेगा ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बना था, लेकिन अब वही अधिकार छीने जा रहे हैं।
उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि नए कानून में न गारंटी है, न सार्वभौमिकता और न ही अधिकार, जिससे बेरोजगारी बढ़ेगी और संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचेगा। जिस प्रकार भूमि अधिग्रहण और किसान कानून वापस लिए गए थे, उसी प्रकार इस कानून को भी केंद्र सरकार को वापस लेना होगा।
