झारखंड: रांची मेयर चुनाव में पुरुष उम्मीदवार फेल, लगातार जीत रहीं महिलाएं | Ranchi women win mayor election
झारखंड राज्य गठन के बाद से रांची नगर निगम के मेयर पद पर महिलाओं का एकतरफा कब्जा रहा है। अब तक हुए तीन नगर निकाय चुनावों में पुरुष उम्मीदवार इस पद पर जीत हासिल करने में नाकाम रहे हैं। यह स्थिति रांची की राजनीति में महिलाओं की मजबूत पकड़ को दर्शाती है।
पहला चुनाव और रमा खलखो का उदय
वर्ष 2008 में, जब रांची नगर निगम के लिए पहला मेयर चुनाव हुआ, तब यह सीट एसटी महिला के लिए आरक्षित थी। इस चुनाव में रमा खलखो ने जीत दर्ज कर रांची की पहली महिला मेयर बनने का गौरव हासिल किया।
आशा लकड़ा का लगातार दबदबा
इसके बाद, वर्ष 2014 में हुए उपचुनाव और 2018 के मेयर चुनाव में भी यह सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) अन्य के लिए आरक्षित रही। 2014 के उपचुनाव में आशा लकड़ा ने पुरुष प्रत्याशी नवीन लकड़ा को 14,969 वोटों के अंतर से हराया था। आशा को 40,941 वोट मिले थे, जबकि नवीन को 25,972 वोट प्राप्त हुए।
वर्ष 2018 में, झारखंड में पहली बार मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव दलीय आधार पर हुआ। इस चुनाव में भी भाजपा के टिकट पर आशा लकड़ा ने झामुमो की प्रत्याशी वर्षा गाड़ी को भारी मतों से हराकर लगातार दूसरी बार रांची की मेयर बनकर इतिहास रचा। इस बार भी महिला प्रत्याशी का दबदबा कायम रहा।
भविष्य की रणनीति
वर्ष 2026 में होने वाले मेयर चुनाव पूर्व की तरह अप्रत्यक्ष रूप से (पार्षद अपने में से चुनेंगे) होने की संभावना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पुरुष उम्मीदवार इस बार महिलाओं के इस गढ़ में सेंध लगा पाते हैं या महिलाओं का दबदबा जारी रहता है।
