झांसी: पानी विवाद में हत्या के 3 दोषियों को आजीवन कारावास, कोर्ट ने 10 महीने में सुनाया फैसला
झांसी में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने हत्या के एक गंभीर मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह घटना ग्राम माझगुवा थाना बमीठा क्षेत्र की है, जहां 25 फरवरी 2025 को मोहन पटेल अपने खेत के पास कुएं पर पहुंचे थे।
वहां विशाली मिश्रा, अनारी मिश्रा और हरिराम मिश्रा मोटरपंप चालू कर सिंचाई कर रहे थे। मोहन पटेल ने यह कहकर मोटरपंप बंद कर दिया कि आज पानी लेने की उसकी बारी है। इस पर आरोपियों ने आपत्ति जताते हुए मोहन पटेल को गालियां देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर तीनों आरोपियों ने एकराय होकर मोहन पटेल पर प्राणघातक हमला कर दिया।
विशाली मिश्रा ने लोहे की रॉड से मोहन के सिर पर हमला किया, जबकि अनारी मिश्रा और हरिराम मिश्रा ने डंडों से मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घायल मोहन पटेल ने फोन पर अपनी पत्नी केसरबाई और बेटे नरेंद्र को घटना की जानकारी दी। परिवारजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल ले जाया गया।
उपचार के दौरान मोहन पटेल की मृत्यु हो गई, जिसके बाद प्रकरण में धारा 302 (हत्या) बढ़ाई गई। शासन की ओर से अधिवक्ता प्रवीण द्वेदी ने अदालत में आरोपियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की। प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेज़ों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने विशाली मिश्रा, हरिराम मिश्रा तथा जगप्रसाद उर्फ अनारी मिश्रा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा का आदेश सुनाया।
