झारखंड में शराब पर कड़े पहरे, क्यूआर कोड से होगी नकली शराब की पहचान
झारखंड में अवैध और नकली शराब की आपूर्ति को रोकने के लिए सरकार एक मजबूत ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही है। इस नई प्रणाली के तहत, शराब की प्रत्येक बोतल पर एक क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिसकी मदद से उसकी पूरी यात्रा की निगरानी की जा सकेगी। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के निर्देश पर, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का दौरा कर वहां की शराब बिक्री व्यवस्था और ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम के सफल कार्यान्वयन का अध्ययन किया है।
अधिकारियों की यह तीन सदस्यीय टीम इन दोनों राज्यों में शराब की बोतलों की निगरानी कैसे की जा रही है, इस पर विस्तृत जानकारी लेकर लौटी है और अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक यह रिपोर्ट मंत्री को सौंपी जाएगी। इस ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम के माध्यम से, शराब की प्रत्येक बोतल के क्यूआर कोड को स्कैन करके उसके इतिहास का पता लगाया जा सकेगा। इसमें यह जानकारी शामिल होगी कि बोतल किस गोदाम से कब निकली, और उसकी आपूर्ति किस जिले में की गई।
क्यूआर कोड स्कैन करने से यह भी पता चल जाएगा कि शराब की वह बोतल असली है या नकली। विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में उनका मुख्य लक्ष्य राज्य में अवैध शराब की आपूर्ति को रोकना है, ताकि उपभोक्ताओं तक केवल असली और गुणवत्तापूर्ण शराब ही पहुंचे। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़े को खत्म करने से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। मंत्री के अनुसार, जहां-जहां भी आपूर्ति श्रृंखला में लीकेज है, उसे दूर करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से शराब की बोतलों की निगरानी के लिए ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम पर पूरा ध्यान केंद्रित किया गया है।
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में अक्टूबर तक 2500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त कर लिया है, जबकि पूरे वित्तीय वर्ष के लिए 3960 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित है। मंत्री ने विश्वास जताया है कि शेष पांच महीनों में विभाग इस लक्ष्य को अवश्य पूरा कर लेगा। वर्तमान में राज्य में शराब की दुकानों में ब्रांडेड शराब की आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है, जिसके कारण बिक्री में वृद्धि देखी जा रही है।
इस बीच, शराब घोटाला मामले में आरोपी कारोबारी नवीन केडिया को राहत नहीं मिली है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने 21 नवंबर को सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। जांच में शराब घोटाले में नवीन केडिया की संलिप्तता पाई गई थी, जिसके बाद उसने 30 अक्टूबर को अग्रिम राहत के लिए याचिका दायर की थी।
