झारखंड में शिक्षकों का क्षमता विकास: पहले दिन 34,781 शिक्षकों ने दी परीक्षा
राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के सतत क्षमता विकास और उनकी प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं का आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित टीचर्स नीड असेसमेंट (टीएनए) के दूसरे चरण की शुरुआत उत्साहजनक रही है। इस मूल्यांकन के पहले दिन, राज्य भर से 34,781 प्राथमिक शिक्षकों ने भाग लिया। यह संख्या उन शिक्षकों का 98.23 प्रतिशत है जिन्होंने इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया था, जो शिक्षकों की इस पहल में गहरी रुचि को दर्शाता है।
यह महत्वपूर्ण आकलन परीक्षा राज्य के 63 प्रखंडों में आयोजित की जा रही है और इसका समापन 20 नवंबर को होगा। पहले दिन के आंकड़ों के अनुसार, शिक्षकों की सर्वाधिक भागीदारी बोकारो जिले में दर्ज की गई। बोकारो में कुल 1,997 पंजीकृत शिक्षकों में से 1,996 शिक्षक परीक्षा में शामिल हुए, जो लगभग शत-प्रतिशत उपस्थिति है। इसके बाद चतरा, देवघर और धनबाद जिलों ने क्रमशः दूसरा, तीसरा और चौथा स्थान प्राप्त किया। टीएनए के सुचारू और सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए, सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों, जिला शिक्षा अधीक्षकों और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों ने मूल्यांकन केंद्रों का गहन निरीक्षण किया और परीक्षा संबंधी गतिविधियों का जायजा लिया। बुधवार को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए मूल्यांकन सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इसी बीच, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा आयोजित आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) चैंपियनशिप प्रतियोगिता के पहले दिन मंगलवार को जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं शुरू हुईं। इस प्रतियोगिता के तहत, नौवीं कक्षा के 457 और दसवीं कक्षा के 489 स्कूली बच्चों ने अपनी डिजिटल दक्षता का प्रदर्शन किया। पूरे राज्य से कुल 946 बच्चों ने इन दोनों कक्षाओं की श्रेणियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कक्षा नौ की श्रेणी में, पलामू जिले से सर्वाधिक 39 छात्रों ने भाग लिया, जबकि कक्षा दस की श्रेणी में गढ़वा जिले से 37 छात्रों ने सबसे अधिक संख्या में हिस्सा लिया। आईसीटी चैंपियनशिप के अगले दिन, बुधवार को ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के छात्र अपनी डिजिटल क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रतियोगिता छात्रों को आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अपनी समझ और कौशल को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।
