जयपुर में थार से भीषण सड़क हादसा, महिला क्रिकेटर पर लापरवाही का आरोप, एक की मौत
जयपुर शहर में मंगलवार देर रात एक बेहद ही दुखद और दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक तेज रफ्तार थार अनियंत्रित होकर सड़क पर चल रहे दो बाइक सवारों और एक स्कूटी सवार को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में स्कूटी सवार 23 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी बुआ, जो स्कूटी पर पीछे बैठी थीं, गंभीर रूप से घायल हो गईं।
सूत्रों के अनुसार, थार को एक महिला क्रिकेटर, भव्या चौधरी, चला रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टक्कर मारने के बाद वह थार को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार को भव्या चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह थार भव्या की मां, प्रिया चौधरी, के नाम पर पंजीकृत है, जो शहर में एक क्रिकेट अकादमी का संचालन करती हैं।
इस घटना ने शहर में यातायात सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस हादसे के मद्देनजर एक विशेष आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि गाड़ी चलाते समय की गई लापरवाही से ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो सड़क पर तेज गति से और लापरवाही से वाहन चलाते हैं।
इस बीच, एक अन्य मामले में, आइआइटी जोधपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विवेक विजयवर्गीय को करीब 6 वर्ष पुराने दुष्कर्म मामले में नोएडा की अदालत ने 10 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एवं त्वरित न्यायालय द्वितीय प्रिया सिंह की अदालत ने सुनाया।
यह मामला वर्ष 2019 का है, जब एक पीड़िता ने नोएडा के सेक्टर-19 ए में फिल्मसिटी स्थित एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के गेस्ट हाउस में दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था। अदालत ने अपने फैसले में इस घटना को महिलाओं के प्रति एक गंभीर और योजनाबद्ध अपराध माना है। पीड़िता ने अपनी एफआइआर में बताया था कि नौकरी लगवाने का झांसा देकर उसे गेस्ट हाउस बुलाया गया था, जहाँ उसके साथ जबरदस्ती की गई और गला दबाकर धमकाया गया। पुलिस ने प्रोफेसर को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। डॉ. विवेक को आइआइटी जोधपुर ने जून 2019 में निलंबित कर दिया था, हालांकि कुछ महीनों बाद उन्हें सेवा में वापस ले लिया गया था।
