जूही चावला बनतीं महाभारत की द्रौपदी, ‘कयामत से कयामत तक’ ने बदला करियर
बीआर चोपड़ा द्वारा निर्मित ‘महाभारत’ भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक मील का पत्थर है। इस पौराणिक धारावाहिक ने न केवल दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई, बल्कि इसके हर किरदार को घर-घर में पहचान मिली। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि इस शो में द्रौपदी के प्रतिष्ठित किरदार के लिए अभिनेत्री जूही चावला पहली पसंद थीं।
जूही चावला, जो बाद में ‘डर’ और ‘इश्क’ जैसी फिल्मों में अपने यादगार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत चुकी हैं, ने द्रौपदी के किरदार के लिए स्क्रीन टेस्ट पास कर लिया था। सूत्रों के अनुसार, बीआर चोपड़ा ने स्वयं उनका ऑडिशन लिया था। एक पुराने साक्षात्कार में जूही ने बताया था कि उनके परिवार का फिल्म इंडस्ट्री से कोई सीधा संबंध नहीं था, लेकिन बीआर चोपड़ा जैसे कुछ लोग थे जो उनके लिए मार्गदर्शक थे और हमेशा उनके प्रति बहुत दयालु रहे। यह सब एक नए कलाकार के लिए अविस्मरणीय अनुभव था।
द्रौपदी के लिए चुने जाने के बावजूद, नियति ने जूही के लिए कुछ और ही तय कर रखा था। इसी दौरान, उन्हें फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ का प्रस्ताव मिला। बीआर चोपड़ा ने, जो जूही के करियर को लेकर काफी आश्वस्त थे, उन्हें सलाह दी कि वे फिल्मों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा था, “टीवी पर रहो, अगर तुम्हारी फिल्म बन रही है, तो उसमें काम करो।” यह सलाह उनकी दूरदर्शिता को दर्शाती थी और जूही के फिल्मी भविष्य पर उनके भरोसे को उजागर करती थी। जूही ने उनकी सलाह मानी और ‘महाभारत’ से अपने कदम पीछे खींच लिए।
यह निर्णय जूही के जीवन और करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। वर्ष 1988 में रिलीज़ हुई ‘कयामत से कयामत तक’ ने दर्शकों को जूही चावला और आमिर खान की एक नई जोड़ी से परिचित कराया। यह प्रेम कहानी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट साबित हुई। फिल्म के सभी छह गाने चार्टबस्टर बन गए और लगभग 1 करोड़ कैसेट की बिक्री हुई। इस फिल्म ने जूही चावला और आमिर खान दोनों को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया, जिससे उनके फिल्मी करियर को एक शानदार शुरुआत मिली। जूही का यह निर्णय, भले ही उस समय कठिन रहा हो, लेकिन इसने उन्हें एक सफल बॉलीवुड अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।
