Jamshedpur news: 14 दिन बाद सुरक्षित घर लौटे उद्योगपति कैरव गांधी, परिवार ने पुलिस को दिया धन्यवाद
जमशेदपुर के युवा उद्योगपति कैरव गांधी (24 वर्ष) मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे सुरक्षित अपने घर लौट आए। 14 दिनों तक अपहरणकर्ताओं के चंगुल में फंसे रहने के बाद उनकी वापसी से गांधी परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। पुलिस की एक विशेष टीम ने उन्हें सर्किट हाउस एरिया स्थित उनके आवास पर पहुंचाया।
बेटे की सुरक्षित वापसी पर पिता और प्रतिष्ठित व्यवसायी देवांग गांधी ने भावुक होते हुए ईश्वर और शहरवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की असीम कृपा से कैरव स्वस्थ और सुरक्षित घर वापस आ गया है। उन्होंने उन सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार जताया जिन्होंने इस मुश्किल समय में प्रार्थनाएं कीं और परिवार के साथ खड़े रहे।
इस हाई-प्रोफाइल Jamshedpur crime news को सुलझाने के लिए एसएसपी के नेतृत्व में 7 विशेष जांच दलों (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस की जांच झारखंड के चांडिल से शुरू होकर बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा तक फैली हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, अपराधियों ने इंडोनेशियाई नंबर (+62) का उपयोग कर 5 करोड़ की फिरौती मांगी थी, जो पुलिस के लिए बड़ी तकनीकी चुनौती थी। हालांकि, तकनीकी सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के समन्वय ने पुलिस को अपहरणकर्ताओं के करीब पहुंचा दिया।
पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश और छापेमारी से घबराकर अंततः अपहरणकर्ताओं को पीछे हटना पड़ा। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने कैरव की सुरक्षित वापसी को पुलिस प्रशासन की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने एसएसपी के कुशल नेतृत्व और सिटी एसपी व ग्रामीण एसपी की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
केडिया ने शहरवासियों और शुभचिंतकों से अपील की है कि कैरव और उनका परिवार पिछले 14 दिनों से भारी मानसिक तनाव से गुजरा है। ऐसे में कैरव को सामान्य स्थिति में लौटने के लिए अपने परिवार के साथ एकांत और निजी समय की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अभी गांधी निवास पर भीड़ न लगाएं।
हालांकि कैरव घर लौट आए हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है या किसी फिरौती की रकम का भुगतान किया गया है। पुलिस जल्द ही एक औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे ‘ऑपरेशन कैरव’ के रहस्यों से पर्दा उठा सकती है।
