जमुई विधानसभा चुनाव 2025: त्रिकोणीय मुकाबले में कौन मारेगा बाजी?
डिजिटल डेस्क, जमुई। बिहार की राजनीति में हमेशा चर्चा का विषय रहने वाली जमुई विधानसभा सीट पर आज चुनावी नतीजे घोषित होने वाले हैं। वर्ष 2025 के लिए हुए इस विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार श्रेयसी सिंह, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के शमशाद आलम और जन सुराज पार्टी के अनिल प्रसाद साह के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इन तीनों प्रत्याशियों ने चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया है, जिससे परिणाम को लेकर उत्सुकता चरम पर है।
जमुई विधानसभा सीट बिहार की उन सीटों में से एक है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। यह जमुई लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है और इसका अपना एक समृद्ध चुनावी इतिहास रहा है। यहां सर्वप्रथम 1957 में चुनाव हुए थे, जिसमें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भोला मांझी व हरि प्रसाद शर्मा विधायक चुने गए थे।
भाजपा प्रत्याशी श्रेयसी सिंह के लिए यह चुनाव व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। वे बिहार के दिग्गज नेता रहे दिग्विजय सिंह की बेटी हैं और अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। उनकी मां पुतुल देवी भी सांसद रह चुकी हैं, जिससे श्रेयसी पर परिवार की राजनीतिक प्रतिष्ठा बनाए रखने का दबाव है। 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में श्रेयसी सिंह ने इस सीट से जीत दर्ज की थी और अब उन्हें अपनी कुर्सी बचाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, राजद के शमशाद आलम ने श्रेयसी सिंह को कड़ी टक्कर दी है, और जन सुराज पार्टी के अनिल प्रसाद साह ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। आज 14 नवंबर को वोटों की गिनती के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि जमुई की जनता ने अगले पांच वर्षों के लिए किसे अपना प्रतिनिधि चुना है। सियासी गलियारों में इस बात पर बहस जारी है कि क्या श्रेयसी सिंह अपनी जीत दोहरा पाएंगी, या फिर राजद के शमशाद आलम उन्हें पटखनी देंगे, या फिर अनिल प्रसाद साह कोई बड़ा उलटफेर करने में कामयाब होंगे।
