जमुई के नागी-नकटी में विदेशी पक्षियों का डेरा, पर्यटन को लगी पंख
जमुई के नागी-नकटी पक्षी आश्रयणी इन दिनों विदेशी परिंदों से गुलजार है। साइबेरिया और यूरोप के विभिन्न हिस्सों से हज़ारों प्रवासी पक्षियों के आगमन ने इस क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बना दिया है। पक्षियों की अद्भुत छटा देखने के लिए पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर खुशी की लहर है।
सूत्रों के अनुसार, नागी में लगभग पांच हजार और नकटी में चार हजार से अधिक पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इन प्रवासी मेहमानों में यूरेशियन कूट, गडवाल बत्तख, यूरेशियन विजन, सफेद-आंख पोचार्ड, गूंथी चोटी वाली बतख, काला-सिर आइबिस, लाल-कलंगी पोचार्ड, सामान्य पोचार्ड, बड़ी कलंगी वाली ग्रीब, बड़ा पनकौवा, नदी टर्न, सीटी बजाने वाली बतख, एशियाई ओपनबिल सारस, कपासी पिग्मी गूज, छोटा पनकौवा, लाल-गर्दन आइबिस, लाल और पीली-लटकन तीतहरी, सफेद-गला किंगफिशर, काला-सफेद किंगफिशर और छोटी रिंग वाली प्लोवर जैसी दो दर्जन से अधिक प्रजातियां शामिल हैं। कुछ दुर्लभ प्रजातियां, जैसे फाल्केटेड डक, भी कई वर्षों बाद देखी गई हैं। वारहेडेड गूज, ग्रेलैग गूज, लालसर, सरार, कॉमन पोचार्ड, सुरखाब, गेल, गडवाल जैसे विदेशी पक्षियों के झुंड विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वन विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पक्षियों के कलरव से गूंजता नागी-नकटी क्षेत्र अब सैलानियों के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बन गया है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नागी के मुख्य द्वार को भव्य रूप दिया गया है, एक सेल्फी पॉइंट बनाया गया है और झील के चारों ओर बाउंड्री वॉल का निर्माण किया गया है। विभिन्न फलदार और छायादार पौधे लगाए गए हैं। नौका विहार के लिए नावों की व्यवस्था की गई है, जिसका शुल्क निर्धारित है। पर्यटकों को जानकारी देने के लिए बर्ड गाइड संदीप कुमार की तैनाती की गई है। एक रेस्ट हाउस जैसी इमारत में पक्षियों से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।
राष्ट्रीय स्तर के पक्षी विशेषज्ञ अरविंद कुमार मिश्रा के अनुसार, बिहार में कई बड़ी झीलें होने के बावजूद, कम क्षेत्रफल में स्थित नागी-नकटी झील में सबसे अधिक विदेशी एवं देशी दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं। नवंबर से ही इन प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है। पक्षियों की आधिकारिक गणना जनवरी या फरवरी में कराई जाएगी।
