जम्मू-कश्मीर में वाहन स्क्रैपिंग नीति: पुराने वाहनों पर पाएं 26% तक टैक्स छूट
जम्मू-कश्मीर में रहने वाले वाहन मालिकों के लिए एक खुशखबरी है। प्रदेश में लागू की गई नई वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत, अब 15 वर्ष या उससे अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर नए वाहन की खरीद पर 16 से 26 प्रतिशत तक रोड टैक्स में छूट का लाभ उठाया जा सकता है। इस नीति का उद्देश्य पुराने और अनुपयुक्त वाहनों को सड़कों से हटाना और पर्यावरण को स्वच्छ रखना है।
परिवहन सचिव अवनी लवासा ने हाल ही में इस नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के संबंध में विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नीति के बारे में आम जनता, विशेषकर पुराने वाहन मालिकों के बीच व्यापक जागरूकता फैलाई जाए। इसके लिए प्रचार-प्रसार अभियानों को तेज करने की आवश्यकता है, ताकि लोग पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं (आरवीएसएफ) का उपयोग करके अपने वाहनों को स्क्रैप करने के अवसर और इसके लाभों के बारे में पूरी तरह से अवगत हो सकें।
सचिव लवासा ने बताया कि यह नीति पर्यावरण संरक्षण (वाहन का जीवनकाल समाप्त) नियम, 2025 के अनुरूप है। इसका उद्देश्य स्क्रैपिंग प्रक्रिया को वैज्ञानिक तरीके से संचालित करना, रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना है। इस पहल से वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग उद्योग में एक मजबूत व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की उम्मीद है। यह न केवल जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास में योगदान देगा, बल्कि आटोमोटिव डिस्मेंटलिंग, रीसाइक्लिंग और लाजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
इस नीति को सुगम बनाने के लिए, सरकार जम्मू-कश्मीर में आरवीएसएफ स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन और भूमि सहायता प्रदान करेगी। मौजूदा औद्योगिक नीतियां इन सुविधाओं की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेंगी, जो स्थानीय आटो उद्योग को आधुनिक बनाने में मदद करेंगी। सभी आरवीएसएफ को मोटर वाहन नियम 2021 का पालन करना होगा और जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति से पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करनी होगी।
सचिव ने इस पहल को वाहन मालिकों और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए एक दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस नीति की सफलता के लिए जनता और व्यवसायों के साथ मिलकर काम करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। परिवहन विभाग इस नीति के प्रगति की लगातार निगरानी करेगा और इसके सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करेगा।
