जम्मू-कश्मीर की खदानें अब राष्ट्र निर्माण में देंगी योगदान, पहली नीलामी आज से
जम्मू-कश्मीर में खनन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, सोमवार, 24 नवंबर से पहली बार सात चूना पत्थर खदान ब्लॉकों की नीलामी शुरू हो गई है। यह नीलामी केंद्र शासित प्रदेश के इतिहास में अपनी तरह की पहली और सबसे पारदर्शी प्रक्रिया होगी, जो केंद्र सरकार की खनन सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अनंतनाग, राजौरी और पूंछ जिलों में स्थित ये खदानें उच्च गुणवत्ता वाले चूना पत्थर से समृद्ध हैं, जो सीमेंट उत्पादन, निर्माण कार्यों और विभिन्न औद्योगिक उपयोगों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। इन खदानों को G3 और G4 अन्वेषण श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, जिनका कुल क्षेत्रफल लगभग 314 हेक्टेयर है। G4 का तात्पर्य प्रारंभिक रेकी सर्वे से है, जबकि G3 अधिक विस्तृत खोज कार्य को दर्शाता है।
नीलामी का उद्घाटन समारोह जम्मू में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह नीलामी खनिज (खनिज, खनिज और खनिज) अधिनियम (MMDR Act) की धारा 11 की उप-धारा (4) और (5) के तहत की जा रही है। यह पहल उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सहायता के लिए है जहां प्रशासनिक बाधाओं के कारण खनन प्रक्रियाओं में देरी होती थी। मंत्रालय ने इसे सहकारी संघवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, पूरी नीलामी प्रक्रिया 100% ऑनलाइन और तकनीक-संचालित होगी, जिसमें राष्ट्रीय पर्यावरण मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। इस कदम से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, यह स्थानीय उद्योगों को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास की गति को तेज करेगा। खान मंत्रालय ने इसे खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और सतत विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है।
