जल जीवन मिशन: 360 गांवों में नल कनेक्शन पहुंचा, रखरखाव के लिए 42 करोड़ की जरूरत
हरिद्वार जिले में जल जीवन मिशन के तहत 360 गांवों में पेयजल आपूर्ति का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब सभी घरों तक नल कनेक्शन पहुंचा दिए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को सीधे नल से पानी उपलब्ध हो रहा है।
योजना का लक्ष्य तो हासिल हो गया है, लेकिन अब इसके रखरखाव को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कई स्थानों पर जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पेयजल पाइपलाइनें मरम्मत मांग रही हैं। सूत्रों के अनुसार, जिले के इन 360 गांवों में पेयजल लाइनों की मरम्मत, पंपिंग स्टेशनों के रखरखाव, उपकरणों की देखरेख और मोटरों की सर्विसिंग जैसे कार्यों के लिए वार्षिक रखरखाव मद में करीब 42 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।
यह स्थिति जल संस्थान के लिए दुविधा पैदा कर रही है, क्योंकि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है और जल संस्थान को केवल निर्माण और कनेक्शन लगाने का दायित्व सौंपा गया था। रखरखाव के लिए कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश या वित्तीय व्यवस्था केंद्र सरकार की ओर से अभी तक जारी नहीं की गई है।
इस बीच, उपभोक्ताओं की ओर से कई स्थानों पर पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने, पानी के दबाव में कमी आने और रिसाव जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि रखरखाव का अधिकार न होने के कारण वे सीमित भूमिका में हैं और इन शिकायतों का समय पर निवारण नहीं कर पा रहे हैं।
जल संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्माण कार्य का जिम्मा तो था, लेकिन रखरखाव के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई है। यदि समय पर इन लाइनों का निरीक्षण और मरम्मत नहीं की गई, तो भविष्य में रिसाव, पानी की गुणवत्ता में गिरावट और जलापूर्ति बाधित होने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, जो अब तक की गई मेहनत पर पानी फेर सकती है।
