अजीत अगरकर: 48वें जन्मदिन पर महान क्रिकेटर से विवादों के घेरे में चयन समिति प्रमुख
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और वर्तमान में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर आज अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। 4 दिसंबर 1977 को जन्मे अगरकर का क्रिकेट करियर लगभग एक दशक तक चला, जिसमें उन्होंने अपनी तूफानी गेंदबाजी से भारतीय क्रिकेट में एक खास पहचान बनाई। हालांकि, खेल से संन्यास लेने के बाद अब वह चयन समिति के प्रमुख के तौर पर विवादों के चलते सुर्खियों में हैं।
अक्टूबर 1998 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले अगरकर ने भारत के लिए 26 टेस्ट, 191 वनडे और 4 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने अपनी गेंदबाजी से लगातार विकेट चटकाए और टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई। वह 2007 में भारत द्वारा जीते गए पहले टी20 विश्व कप विजेता टीम का भी हिस्सा थे, जो उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि रही।
अगरकर ने न केवल गेंदबाजी में बल्कि बल्ले से भी कई बार अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 27.85 की औसत से 288 विकेट लिए, जिसमें 42 रन देकर 6 विकेट लेना उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। वह अब भी वनडे में भारत के तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, जो अनिल कुंबले (334) और जवागल श्रीनाथ (315) से पीछे हैं। भारत के लिए सबसे तेज 50 वनडे विकेट लेने का रिकॉर्ड भी अजीत अगरकर के नाम है, जो उन्होंने सिर्फ 23 मैचों में हासिल किया था।
गेंदबाजी के अलावा, अगरकर ने बल्लेबाजी में भी अपनी क्षमता दिखाई। 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच में उन्होंने एक जुझारू शतक जड़ा था। 109 रनों की उनकी इस पारी ने भारत को मैच ड्रॉ कराने की ओर अग्रसर किया था, जो उनकी स्वाभाविक आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण था।
घरेलू क्रिकेट में मुंबई का प्रतिनिधित्व करने वाले अगरकर ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स के लिए भी खेला। खेल से संन्यास लेने के बाद, उन्होंने कमेंट्री और कोचिंग में अपना समय बिताया, और हाल ही में उन्हें बीसीसीआई चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। हालांकि, उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए कुछ फैसलों को लेकर वह आलोचनाओं और विवादों का सामना कर रहे हैं, जिसने उनके क्रिकेटिंग करियर की उपलब्धियों पर कुछ हद तक प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
