जहांगीराबाद में शुरू हुआ 69वां उर्स मेला, हिंदू-मुस्लिम एकता का अनूठा संगम
जहांगीराबाद, बुलंदशहर: नगर में हजरत बाबा बेफिक्र शाह की दरगाह पर 69वें सालाना उर्स मेले का भव्य शुभारंभ हुआ, जो क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। मेले का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष किशनपाल लोधी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा बेफिक्र शाह के उर्स मेले में नगर और आसपास के क्षेत्रों के सभी धर्मों के लोग आपसी भाईचारे के साथ बिना किसी भेदभाव के मेले का आनंद लें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी असामाजिक तत्व ने मेले में शांति भंग करने का प्रयास किया तो उसे तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
दरगाह के सज्जादा नशीं सूफी सकलेन हसन शाह ने देश में अमन और चैन की दुआ मांगी। उद्घाटन समारोह में उपस्थित अतिथियों ने दरगाह में माथा टेका और चादर चढ़ाई। सज्जादा नशीं सूफी सकलेन हसन शाह ने सभी आगंतुकों का पगड़ी बांधकर पारंपरिक रूप से स्वागत किया, जो मेहमाननवाजी का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है।
सूत्रों के अनुसार, यह उर्स मेला 19 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुशायरा और देश के मशहूर कव्वालों द्वारा कव्वाली मुकाबले शामिल हैं। सज्जादा नशीं सूफी सकलेन मिया ने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा की दरगाह पर आने वाले भक्तों की हर मुराद पूरी होती है, जो इस स्थान की आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाता है।
इस वार्षिक आयोजन में बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें सभासद हरीश सिसोदिया, गौरव सिसोदिया, सभासद सुल्तान अंसारी, सुशील राघव, रिजवान बंटी, संजय लोधी, गुलाम रब्बानी, सईद अहमद, युसूफ अंसारी, माजिद अंसारी, पूर्व सभासद शेख नसीर, विनय अग्रवाल, याकूब मलिक, रफीक अल्वी, मोहिउद्दीन मददन, इंतजार पठान, शोएब सैफी, नवेद अब्बासी और सैकड़ों अन्य गणमान्य नागरिक शामिल थे। यह मेला न केवल बुलंदशहर की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह सांप्रदायिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का एक जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत करता है, जहां हर साल हजारों मेलार्थी आकर इस अनूठी परंपरा का हिस्सा बनते हैं।
