जेपी नड्डा का हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला, ‘अबुआ नहीं, ठगुआ सरकार’ बताया
देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने राज्य सरकार को ‘अबुआ सरकार’ (हमारी सरकार) के बजाय ‘ठगुआ सरकार’ (ठगों की सरकार) करार दिया और कहा कि यह सरकार प्रदेश के लोगों के हितों की अनदेखी कर रही है।
नड्डा ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से की, जिससे कार्यकर्ताओं में जोश भर गया। उन्होंने कांग्रेस पर आदिवासी अस्मिता का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह घुसपैठियों का बचाव करती है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अब झारखंड को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से मुक्त कराने की आवश्यकता है, क्योंकि झामुमो ने राज्य को बदनाम किया है।
भाजपा अध्यक्ष ने विशेष रूप से संताल परगना क्षेत्र में हो रही अवैध घुसपैठ को एक बड़ा खतरा बताया। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश की सीमा पार से आने वाले कुछ समूह यहां बस रहे हैं और झारखंड की सांस्कृतिक संरचना को प्रभावित कर रहे हैं। नड्डा ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते ऐसे तत्वों को संरक्षण दे रही है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संताल में अवैध घुसपैठ के कारण ‘जमाई टोला’ जैसी स्थितियाँ बन गई हैं, जहाँ बाहरी लोग आदिवासी बहनों से शादी करके बस रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने दावा किया कि आदिवासी समुदाय की जनसंख्या प्रतिशत पहले लगभग 45% से घटकर अब 28% रह गई है, जो क्षेत्रीय अस्मिता और जनसंख्या संरचना के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
जेपी नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर आगामी चुनावों में कमल खिलाएं और राज्य को इस ‘ठगुआ सरकार’ से मुक्ति दिलाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा ही झारखंड को विकास के पथ पर ले जा सकती है और प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा कर सकती है।
