जामताड़ा की बदली पहचान: साइबर क्राइम से इरफान अंसारी के नाम तक, स्वास्थ्य मंत्री का दावा
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने एक नया दावा करते हुए कहा है कि जामताड़ा, जो पहले साइबर अपराधों के लिए बदनाम था, अब उनके नाम से जाना जाता है। कांग्रेस विधायक अंसारी जामताड़ा से ही आते हैं। उन्होंने बुधवार को धनबाद के गोविंदपुर में एक स्वागत समारोह के दौरान यह बात कही।
मंत्री अंसारी ने कहा कि जामताड़ा की पहचान अब साइबर क्राइम की जगह उनके कामों और नाम से हो रही है। उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े सुधार की घोषणा करते हुए कहा कि जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरे राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। धनबाद को एक और मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलेगी। इसके अलावा, गिरिडीह, जामताड़ा और खूंटी जिलों में 100-100 बेड के नए अस्पताल खोले जाएंगे। एसएनएमएमसीएच धनबाद के लिए एक नया भवन भी तैयार किया जाएगा। पूरे राज्य में 1200 स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण का टेंडर पूरा हो चुका है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। गोविंदपुर के पाथुरिया में भी एक उपकेंद्र स्थापित किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम संचालकों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी निजी अस्पताल या नर्सिंग होम मरीज के शव को परिजनों को सौंपने के बदले पैसे मांगता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अस्पताल संचालकों से मानवता दिखाने की अपील करते हुए कहा कि मृत्यु के बाद परिजनों पर आर्थिक बोझ डालना अमानवीय है और शव देने के बदले शुल्क लेना गैरकानूनी है।
मंत्री ने पत्रकारों से सरकारी अस्पतालों की कमियों को उजागर करने की अपील की, ताकि विभाग उन्हें सुधार सके। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वास्थ्य व्यवस्था को बदलने का अभियान सफल होगा और आने वाले समय में जनता को इसका सकारात्मक लाभ मिलेगा।
इस कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी जहीर आलम ने भी मंत्री का स्वागत किया। मंत्री अंसारी ने पन्नालाल सलूजा परिसर में एक मेडिकल स्टोर का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर स्थानीय गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि मंत्री इरफान अंसारी अपने बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं, और उनके इस दावे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं।
