जादूगोड़ा यूसील में स्थानीय अनदेखी से ठेका मजदूर अनिश्चितकालीन धरने पर, कामकाज ठप
जादूगोड़ा स्थित यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (यूसील) में स्थानीय लोगों की उपेक्षा के खिलाफ ठेका मजदूरों ने मोर्चा खोल दिया है। अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर मजदूरों ने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का निर्णय लिया है, जिसके चलते प्रबंधन और मजदूरों के बीच गतिरोध बना हुआ है। इस विरोध प्रदर्शन का सीधा असर माइंस के दैनिक कामकाज पर पड़ा है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हुई है।
सूत्रों के अनुसार, धरने के कारण अयस्क की ढुलाई, केनासिंग, परिवहन और अन्य महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह से बंद हो गए हैं। इसका सीधा परिणाम यूसीआईएल के विभिन्न प्रोडक्शन यूनिट्स पर देखने को मिल रहा है, जहां कामकाज ठप पड़ गया है। मजदूरों का आरोप है कि प्रबंधन स्थानीय लोगों को उचित प्रतिनिधित्व और अवसर देने में अनदेखी कर रहा है, जो उनकी प्रमुख मांगों में से एक है।
इस गतिरोध को तोड़ने और समाधान निकालने के उद्देश्य से प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के बीच एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुसाबनी के अंचल अधिकारी (सीओ) पवन कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), जादूगोड़ा थाना प्रभारी राजेश कुमार मंडल, इंस्पेक्टर सुरेश प्रसाद और ठेका मजदूरों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य मजदूरों की मांगों पर चर्चा करना और किसी सार्थक समाधान तक पहुंचना था, ताकि जल्द से जल्द कामकाज सामान्य हो सके।
हालांकि, बैठक के बावजूद अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है और मजदूरों का धरना जारी है। स्थानीय प्रशासन मामले को सुलझाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन मजदूरों का रुख अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है। इस अनिश्चितकालीन धरने से न केवल उत्पादन प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी इसका परोक्ष प्रभाव पड़ने की आशंका है। प्रबंधन से उम्मीद है कि वह मजदूरों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द ही कोई सर्वमान्य हल निकालेगा।
