सीएम द्वारा आवंटित गरीबों के मकानों पर सिंचाई विभाग का नोटिस, एलडीए ने मानी गलती
लखनऊ के डालीबाग स्थित सरदार पटेल आवास योजना में उस समय हड़कंप मच गया जब सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री द्वारा नवंबर 2025 में चाबियां सौंपे गए फ्लैटों पर बेदखली का नोटिस चस्पा कर दिया। इन आवासों पर लाल क्रॉस का निशान लगाकर सात दिन में खाली करने की चेतावनी दी गई है। इस नोटिस से कॉलोनी में रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गई है।
यह परियोजना लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने माफिया मुख्तार अंसारी के ध्वस्त किए गए बंगले की जमीन पर विकसित की थी, जिसमें 72 फ्लैट गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनाए गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इन मकानों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी थीं। अब सिंचाई विभाग का दावा है कि यह हैदर कैनाल बंधे की सरकारी जमीन है।
आवास आवंटियों ने सवाल उठाया है कि जब मुख्तार अंसारी का बंगला इसी जमीन पर था, तब सिंचाई विभाग को अपनी जमीन क्यों नहीं दिखी। उन्होंने निर्माण शुरू होने से पहले विवाद स्पष्ट न करने पर भी सवाल उठाए हैं। एलडीए के अधिकारियों में भी हलचल मच गई है और उन्होंने उच्च स्तर पर मामले की सूचना दी है।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा है कि शाम तक नोटिस हटवा दिया जाएगा और लगाए गए लाल क्रॉस के निशान को भी पुताई कराकर ठीक कराया जाएगा।
