IRCTC की नई पहल: गुजरात और राजस्थान की संस्कृति का अनुभव कराती विशेष टूरिस्ट ट्रेनें
विरासत, तीर्थ यात्रा और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआरसीटीसी ने दो विशेष पर्यटक ट्रेनों की घोषणा की है, जो गुजरात और राजस्थान की यात्रा कराएंगी। सूत्रों के अनुसार, इन ट्रेनों का उद्देश्य यात्रियों को इन राज्यों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से परिचित कराना है।
‘गरवी गुजरात’ ट्रेन 13 जनवरी को सफदरजंग से रवाना होगी। यह ट्रेन वडोदरा, चंपानेर-पावागढ़ पुरातात्विक उद्यान, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, सोमनाथ, दीव, द्वारका, अहमदाबाद, मोढेरा का सूर्य मंदिर, पाटन में रानी की वाव और वडनगर जैसे महत्वपूर्ण स्थलों की यात्रा कराएगी।
वहीं, ‘पधारो राजस्थान’ ट्रेन 24 जनवरी को सफदरजंग रेलवे स्टेशन से शुरू होगी। यह ट्रेन जयपुर, जैसलमेर और जोधपुर सहित राजस्थान के शाही किलों, महलों और जीवंत परंपराओं का दर्शन कराएगी। इन ट्रेनों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को राजस्थान की शाही संस्कृति और विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
इन दोनों ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। इनमें वातानुकूलित डिब्बे, रेस्तरां, आधुनिक रसोईघर, सेंसर आधारित शौचालय, पैर मालिश, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ट्रेन यात्रा के लिए शुल्क विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है। ‘गरवी गुजरात’ ट्रेन के लिए, 1 एसी में प्रति व्यक्ति 95,805 रुपये, 2 एसी में 88,230 रुपये और 3 एसी में 69,085 रुपये का शुल्क देना होगा। ‘पधारो राजस्थान’ ट्रेन के लिए, 1 एसी में प्रति व्यक्ति 67,900 रुपये, 2 एसी में 59,180 रुपये और 3 एसी में 52,480 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इन शुल्कों में ट्रेन का किराया, 3 स्टार होटलों में ठहरने, शाकाहारी भोजन, एसी वाहनों में पर्यटन स्थलों की यात्रा, यात्रा बीमा और टूर मैनेजर की सेवाएं शामिल हैं।
यह पहल पर्यटन को बढ़ावा देने और यात्रियों को भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत का अनुभव कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन ट्रेनों के माध्यम से, यात्री इन राज्यों की अनूठी संस्कृति और इतिहास का अनुभव कर सकेंगे, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, आईआरसीटीसी भविष्य में इसी तरह की और पहल करने की योजना बना रहा है।
