ईरान का दावा: होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट, अमेरिका ने किया खंडन | Iran oil tanker incident
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुआ है। IRGC के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गलत जानकारी के कारण ये टैंकर समुद्र में बिछी माइंस से टकराए और आग की चपेट में आ गए।
इस दावे का खंडन करते हुए, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे झूठा बताया है। CENTCOM ने यह भी कहा कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों, हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं पर हमले किए हैं। अल जजीरा के अनुसार, इन हमलों में सीरिक, बुशेहर, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और यज्द जैसे स्थानों को निशाना बनाया गया।
ईरानी सांसद अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने जमीनी हमला किया, तो ईरान कुवैत और बहरीन में घुसकर वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तबाह कर देगा।
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने शुक्रवार को दावा किया कि चाबहार बंदरगाह पर हमले के बाद ईरान जवाबी कार्रवाई में अमेरिका के सैन्य या कारोबारी हितों से जुड़े क्षेत्र के पांच प्रमुख पोर्ट्स को निशाना बना सकता है।
IRGC से जुड़ी फार्स ने जिन ठिकानों का जिक्र किया, उनके नाम इस प्रकार हैं: (यहां विशिष्ट नामों का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन यह संभावित जवाबी कार्रवाई की ओर इशारा करता है)।
ईरान की IRGC ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सेना की मेजबानी करने वाले देशों को चेतावनी दी है कि वे ईरान की जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, IRGC ने कहा कि जिन देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा है, वे अपने नागरिकों को संभावित सैन्य ठिकानों से दूर ले जाएं और सुरक्षा इंतजाम बढ़ा लें।
रॉयटर्स ने ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे थाईलैंड के झंडे वाले एक जहाज को ईरान की IRGC की नौसेना ने निशाना बनाया। IRGC का दावा है कि जहाज ने उसकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया और बिना अनुमति रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की कोशिश की। नौसेना ने पहले जहाज को रोका और फिर उस पर हमला किया। फिलहाल, जहाज को हुए नुकसान, हताहतों या चालक दल की राष्ट्रीयता की जानकारी सामने नहीं आई है, और थाईलैंड सरकार ने भी इस घटना की पुष्टि नहीं की है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, होर्मोजगान प्रांत के जस्क शहर पर हुए मिसाइल हमलों में बिजली सुविधाओं और समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले (डिसैलिनेशन) पंपों को निशाना बनाया गया। होर्मोजगान के एक उप-गवर्नर ने बताया कि अमेरिकी रॉकेट जस्क काउंटी के बुंजी तटीय गांव के डॉक पर लगे पंपों पर गिरे, जिससे आसपास के कई गांवों की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, एक स्थानीय अधिकारी ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द पेयजल बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, लोरिस्तान प्रांत के खुर्रमाबाद शहर में शनिवार को कई धमाके हुए। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ये विस्फोट कुवैत से दागी गई अमेरिकी मिसाइलों के हमलों के कारण हुए।
जॉर्डन की सेना ने कहा है कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने शनिवार को देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई ईरान की 10 मिसाइलों को मार गिराया। जॉर्डन ने बताया कि मिसाइलों को रोकने की कार्रवाई में कोई जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ। सेना की रॉयल इंजीनियर्स टीम प्रभावित इलाकों से मलबा हटाने और उन्हें सुरक्षित बनाने का काम शुरू कर चुकी है।
ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, शनिवार को अमेरिकी हमले में बंदर अब्बास-रूदान मार्ग पर स्थित दो पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही, जस्क के पास एक इलाके पर भी सैन्य हमला हुआ है। तस्नीम ने दावा किया कि इन हमलों में कई ईरानी नागरिकों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। यह घटनाक्रम ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को उजागर करता है, जिसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है।
