ईरान जंग: पीएम मोदी की क्राउन प्रिंस से बात, मध्य पूर्व में तनाव पर चर्चा
ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग का 29वां दिन है, जिसने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इस तनावपूर्ण माहौल में, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों के खुले और सुरक्षित रहने के महत्व पर सहमति जताई, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार निर्बाध रूप से जारी रह सके। प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की, जो इस क्षेत्र की अस्थिरता को दर्शाता है।
इस बीच, ईरान जंग के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। तुर्किये, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्री 30 मार्च को पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचेंगे। यहां वे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे। यह बैठक मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर केंद्रित होगी और युद्ध शुरू होने के बाद इसे पहली बड़ी बहुराष्ट्रीय बैठक माना जा रहा है। पाकिस्तान को इस बैठक के लिए एक उपयुक्त स्थान माना जा रहा है, क्योंकि उसके ईरान और सऊदी अरब दोनों से मजबूत संबंध हैं। यह बैठक मूल रूप से तुर्किये में तय थी, लेकिन बाद में इसे पाकिस्तान स्थानांतरित कर दिया गया।
ईरान-इजराइल जंग से जुड़ी घटनाओं का सिलसिला जारी है। बहरीन न्यूज एजेंसी के अनुसार, एल्युमिनियम बहरीन (Alba) ने पुष्टि की है कि उसकी औद्योगिक फैसिलिटी को ईरानी हमले में निशाना बनाया गया था। इस हमले में दो कर्मचारी मामूली रूप से घायल हुए हैं। वहीं, ईरानी सेना IRGC ने तेहरान में ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर हुए हमलों के जवाब में क्षेत्र में दो इजराइली या अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाने की धमकी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इन हमलों को देश की वैज्ञानिक नींव और सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने का प्रयास बताया है।
ईरान ने एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला शुरू कर दिया है, जिसके बाद दक्षिणी इजराइल के डिमोना और उसके आसपास के इलाकों में सायरन बजने लगे हैं। मिडिल ईस्ट के कुवैत और बहरीन में भी सायरन की आवाजें सुनाई दी हैं। इस बीच, अमेरिका में ईरान में चल रहे युद्ध और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के रूप में ‘नो किंग्स’ रैलियां निकाली गईं, जिनमें लोगों ने अमेरिकी झंडे उल्टे लहराए, जो संकट का प्रतीक है। आयोजकों के अनुसार, पूरे अमेरिका और यूरोप में 3,100 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इराक में भी अस्थिरता बनी हुई है। कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने दुहोक में राष्ट्रपति नेचिरवान बरजानी को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले की पुष्टि की है। इस “कायरतापूर्ण ड्रोन हमले” की कड़ी निंदा की गई है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। इस बीच, अमेरिकी सेना ईरान में हफ्तों तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर रही है, जिसके लिए उसे राष्ट्रपति ट्रम्प की मंजूरी का इंतजार है। अमेरिका का एक बड़ा एम्फीबियस असॉल्ट जहाज़ त्रिपोली, जिसमें करीब 3,500 सैनिक हैं, वॉर जोन में दाखिल हो गया है। इससे पहले भी अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर वेस्ट एशिया क्षेत्र में पहुंच चुके हैं, जो इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को दर्शाता है।
गंगा बैराज तक चलेंगी सिटी बसें, मेट्रो के नए रूट पर चर्चा
कवि सम्मेलन में महंगाई पर तंज, पेट्रोल-गैस को बताया ‘खजाना’
उत्तर प्रदेश में 2285 पदों पर भर्ती: 29 मई से करें आवेदन, जानें PET 2025 की अहमियत
भीमनगरी में विकास कार्यों पर खर्च होंगे 5 करोड़, शहर को मिलेगा नया रूप
नामनेर बाजार में भाजपा महानगर आगरा के नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ सम्मान, विकास भारत का लक्ष्य
कलापति सुपरकिंग्स ने 307 रन पर पारी घोषित की, मल्टी डे क्रिकेट में रोमांचक मुकाबला
फिक्की फ्लो कानपुर की नई चेयरपर्सन अंकिता गर्ग, महिला सशक्तिकरण पर जोर
कलापति सुपरकिंग्स ने 307 पर पारी घोषित की, केएसपीएल एकादश 48/1
