ईरान-इजराइल जंग: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बयान, फ्रांस की सैन्य मदद की तैयारी
ईरान और इजराइल के बीच चौथे दिन भी जंग जारी है, जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ गया है। इस बीच, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर एक तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यहूदी आंदोलन (Zionism) मुस्लिम दुनिया में अस्थिरता का एक प्रमुख कारण है और यह मानवता के लिए खतरा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान पर यह युद्ध थोपा गया है, जबकि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के माध्यम से समाधान चाहता था। आसिफ ने पाकिस्तान की परमाणु क्षमता को बाहरी खतरों के खिलाफ देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
ईरान में इस संघर्ष के कारण अब तक 742 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 176 बच्चे शामिल हैं, और 750 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस घटनाक्रम का असर क्षेत्र की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है, जिससे पाकिस्तान की सीमाएं भी असुरक्षित महसूस की जा रही हैं।
दूसरी ओर, फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने स्पष्ट किया है कि यदि फ्रांस के सहयोगी देश मदद मांगते हैं, तो फ्रांस उनकी रक्षा के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करने का अधिकार रखता है। उन्होंने बताया कि मौजूदा ईरान संघर्ष के कारण क्षेत्र के कई देश इसमें शामिल हो रहे हैं, जिनसे फ्रांस के रक्षा समझौते और सैन्य हित जुड़े हैं। प्रभावित देशों में लगभग 4 लाख फ्रांसीसी नागरिक मौजूद हैं, जिन्हें खतरा बढ़ने पर कॉमर्शियल और सैन्य उड़ानों के जरिए वापस लाने की तैयारी है।
इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध लंबा और अंतहीन नहीं होगा। उनका मानना है कि यह युद्ध क्षेत्र में शांति लाने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। नेतन्याहू ने अब्राहम अकॉर्ड के तहत पहले हुए शांति समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर काम करने से और भी देशों के साथ शांति समझौते संभव हैं।
