बांग्लादेश में हिंदू उत्पीड़न से भारतीय छात्रों में भय, 9000 बच्चों के मेडिकल भविष्य पर खतरा
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों ने ढाका में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों में दहशत पैदा कर दी है। देश में राजनीतिक हिंसा और भारत विरोधी बयानों के बीच, लगभग 9,000 भारतीय छात्र, जिन्होंने भारत में सीट न मिलने या महंगी फीस के कारण बांग्लादेश को चुना था, अब अपनी सुरक्षा और पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं। कई छात्र हॉस्टल से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
अप्रैल 2024 में ढाका के ईस्ट वेस्ट मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने वाले छात्रों का कहना है कि जुलाई में हुए आंदोलन के बाद से हालात बिगड़े हैं। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को कैंपस के अंदर ही रहने की हिदायत दी है। बीते 23 दिनों में 8 हिंदुओं की हत्याओं ने छात्रों की चिंता को और बढ़ा दिया है, जिससे उन्हें अब ढाका घर की बजाय जेल जैसा लगने लगा है।
ढाका नेशनल मेडिकल कॉलेज के एक इंटर्न ने बताया कि वे हर दिन डर में जी रहे हैं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से कतरा रहे हैं। यहां तक कि अस्पताल में भी उन्हें सतर्क रहना पड़ता है। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक हिंसा और भारत विरोधी बयानबाजी तेज हो गई है। दिसंबर में छात्र नेता की हत्या के बाद से स्थिति और खराब हुई है।
हाल ही में मदारीपुर में एक हिंदू शिक्षक पर स्कूल में घुसते समय हथौड़े से हमला किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। विभिन्न स्थानों पर मंदिरों में मूर्तियों को तोड़ने की घटनाओं ने भी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। इन घटनाओं का सीधा असर भारतीय छात्रों की शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिससे उनके भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
