आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी की अनुमति पर IMA का विरोध, Andhra Pradesh सरकार के फैसले पर सवाल
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने आंध्र प्रदेश में आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जिकल प्रक्रियाएं करने की अनुमति दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है। IMA का कहना है कि यह फैसला मरीजों की सुरक्षा और देश की स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिलीप भानुशाली ने कहा कि संगठन हमेशा से चिकित्सा पेशेवरों के कल्याण के साथ-साथ आम जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुर्वेद और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की निवारक और प्रोमोटिव स्वास्थ्य देखभाल में अहम भूमिका है, लेकिन सर्जरी के लिए वर्षों का कठोर, संरचित और विशेष प्रशिक्षण आवश्यक होता है, जो आधुनिक मेडिकल शिक्षा प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है।
IMA के मानद महासचिव डाॅ. सरबारी दत्ता ने बताया कि सर्जरी केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसमें मानव शरीर रचना, फिजियोलाजी, पैथोलाजी, एनेस्थीसिया, आपातकालीन प्रबंधन और ऑपरेशन के बाद की गहन देखभाल की समग्र समझ आवश्यक होती है। एमबीबीएस और पोस्टग्रेजुएट सर्जिकल प्रशिक्षण के बिना सर्जरी की अनुमति देना मरीजों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है।
संगठन ने सरकार से अपील की है कि मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस नीति की पुनर्समीक्षा की जाए और विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के बीच स्पष्ट सीमाएं बनाए रखी जाएं। IMA ने यह भी कहा कि मानकों को कमजोर करने के बजाय आधुनिक चिकित्सा में सीटें, प्रशिक्षण और अवसर बढ़ाकर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जाना चाहिए।
