कानपुर में 110 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, घर खरीदारों पर मंडराया संकट (Kanpur news)
कानपुर के मकसूदाबाद में 110 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर घर बनाने वालों पर अब छत छिनने का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने इस जमीन को सरकारी खाते में दर्ज कर लिया है और जल्द ही इस पर कब्जा लेने की तैयारी है। इस जमीन पर सरकारी बोर्ड लगाए जाएंगे और अवैध निर्माण को हटाया जाएगा।
भूमाफियाओं ने भोले-भाले लोगों को सस्ते दामों पर यह सरकारी जमीन बेच दी थी। कई बिल्डरों ने प्लाटिंग करके जमीन बेची, जबकि कुछ ने फ्लैट बनाकर कई लोगों को बेच दिए। तहसील में सेटिंग-गेटिंग करके फर्जी तरीके से नाम भी चढ़वा लिया गया था। अब प्रशासन की कार्रवाई से उन खरीदारों को बड़ा झटका लगा है, जिन्होंने अपनी जीवन भर की कमाई लगाकर यहां जमीन खरीदी थी।
भूमाफियाओं पर दर्ज हुई एफआईआर
फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद तत्कालीन लेखपाल कुलदीप गुप्ता ने बिठूर थाने में 14 नामजद और कई अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें वीएसीएल इंडिया रियल स्टेट लिमिटेड के डायरेक्टर ब्रजेंद्र सिंह चौहान और बिल्डर विमलेश कुमार समेत कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। इन सभी पर प्लाटिंग करके सरकारी जमीन बेचने का आरोप है।
पहले भी विवादों में रहे हैं आरोपी
भूमाफिया ब्रजेंद्र सिंह चौहान और बिल्डर विमलेश कुमार पहले भी विवादों में रहे हैं। ब्रजेंद्र सिंह चौहान पर नौबस्ता में भी फर्जी तरीके से जमीन बेचने का आरोप है। उस मामले में भी प्रशासन ने ब्रजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी और कई लेखपालों को निलंबित किया गया था। इसी तरह बिठूर, कल्याणपुर, पनकी, नौबस्ता और बर्रा समेत कई इलाकों में वीएसीएल इंडिया रियल स्टेट लिमिटेड के डायरेक्टर ब्रजेंद्र सिंह चौहान ने फर्जीवाड़ा किया था।
