आईआईटी कानपुर के ‘श्वान एम-2’ रोबोट से सेना को मिलेगी मदद, खतरनाक रास्तों पर बचाएगा जान | IIT Kanpur robot news
आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों की मदद से स्टार्टअप एक्सटेरा ने एक अत्याधुनिक स्वदेशी रोबोट ‘श्वान एम-2’ विकसित किया है, जो अब राष्ट्रीय सुरक्षा और औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक गेमचेंजर साबित हो सकता है। यह रोबोट दूरस्थ और दुर्गम पहाड़ी या घाटी क्षेत्रों में छिपे दुश्मनों के ठिकानों की तलाश करने में सक्षम है। यह न केवल निगरानी कर महत्वपूर्ण जानकारी देगा, बल्कि 3डी मैपिंग के माध्यम से सेना को सुरक्षित रास्ते भी दिखाएगा। यह IIT Kanpur robot news देश के लिए गर्व का विषय है।
यह बहुपयोगी रोबोट सिर्फ सैन्य उपयोग तक ही सीमित नहीं है। यह प्लांट में गैस रिसाव या बिजली संयंत्रों में फॉल्ट जैसी खतरनाक स्थितियों में भी निरीक्षण कर सटीक जानकारी प्रदान कर सकता है, जिससे मानव जीवन को जोखिम में डाले बिना समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा। नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट में इस रोबोट की स्वदेशी तकनीक और क्षमताओं के लिए जमकर प्रशंसा हुई।
स्वदेशी तकनीक से लैस, चुनौतियों से निपटने में सक्षम
‘श्वान एम-2’ रोबोट पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और इसे आदित्य प्रताप सिंह राजावत, शक्ति एस गुप्ता, अमृतांशु मनु, निमेश खंडेलवाल व अविनाश भास्कर की टीम ने विकसित किया है। यह चार पैरों पर चलता है और सीढ़ियां चढ़ने के साथ-साथ खुद को संतुलित रखने में भी माहिर है। अगर यह किसी पहाड़ी रास्ते पर गिर भी जाता है, तो यह स्वयं खड़ा हो सकता है और धक्का लगने या दबाव पड़ने पर भी अपना संतुलन बनाए रखता है।
स्टार्टअप के फाउंडर आदित्य प्रताप सिंह राजावत ने बताया कि यह रोबोट काफी हल्का है, इसका वजन सिर्फ 11 किलो है और यह पांच किलो तक का वजन उठाकर चलने में सक्षम है। इसे लगातार अपग्रेड किया जा रहा है और जल्द ही इसे 50 किलो से 100 किलो तक का वजन उठाने में सक्षम बनाया जाएगा। इसमें अलग-अलग सेंसर लगाकर इसके उपयोग को भी बदला जा सकता है, जिससे इसकी बहुमुखी प्रतिभा और बढ़ जाती है।
मानव जीवन की सुरक्षा में सहायक
शक्ति एस गुप्ता के अनुसार, ‘श्वान एम-2’ रोबोट खतरनाक रास्तों पर जाकर इंसानों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उदाहरण के लिए, गैस रिसाव वाले प्लांट में जहां व्यक्ति का जाना जानलेवा हो सकता है, यह ड्रोन गैस डिटेक्टर सेंसर के साथ आसानी से लीकेज का पता लगा सकता है। इसी तरह, यह बिजली संयंत्रों के बीच जाकर खराबी को तलाश सकता है। देश के कई शिक्षण संस्थानों में इसका उपयोग रिसर्च और पढ़ाई के लिए भी हो रहा है, जबकि कई उद्योगों ने भी इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया है। यह नवाचार देश की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
कानपुर में Cyber Fraud: रिटायर दरोगा समेत दो के खातों से ₹1.47 लाख उड़े, पुलिस जांच में जुटी
बाराबंकी: जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सुधार के बावजूद टूटी खिड़कियां और पार्किंग की समस्या, Barabanki news
लखनऊ के आयुष्मान का यूपी वॉलीबॉल टीम में चयन, राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दिखाएंगे दम – UP sports news
कानपुर में भीषण जाम से हाहाकार, रोडवेज बसों ने बढ़ाई परेशानी | Kanpur traffic news
वाल्मीकि महासम्मेलन: Agra में व्यवस्थाओं को लेकर नगर निगम से मांग
अलीगढ़ में मामी-भांजे के फरार होने से हड़कंप, बेटे की शादी से पहले मां ने उठाया ये कदम | Aligarh crime
कानपुर में सीजन का सबसे गर्म दिन, रबी की फसलों पर ‘Heatwave’ का खतरा
गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से मिलेगी मुक्ति, UP health news में शुरू हुआ FCM इंजेक्शन का प्रयोग
