आगरा में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को दरकिनार कर साइंस पार्क के लिए हरे पेड़ों पर चली आरी, city news
आगरा में पर्यावरण संरक्षण के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हुआ है। सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में हरियाली को बचाने के सख्त निर्देशों के बावजूद, कोठी मीना बाजार के पास नोर्मल कंपाउंड में साइंस पार्क और नक्षत्रशाला के निर्माण के लिए हरे-भरे पेड़ों पर आरी चला दी गई है।
यहां करीब 39.62 करोड़ रुपये की लागत से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा साइंस पार्क और नक्षत्रशाला का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण के लिए पेड़ों को काटा गया है, जिसके निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। एक पेड़ का तना मिट्टी के ढेर पर पड़ा मिला, जबकि बबूल के पेड़ के तने को बीच से काट दिया गया है।
खोदाई के कारण अन्य पेड़ों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा है। जड़ों के कमजोर होने से उनके गिरने का खतरा बढ़ गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब एनजीटी ने हाल ही में ताजमहल के पास शाहजहां गार्डन में संस्कृति वन के निर्माण से पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल की पांच किलोमीटर की परिधि में किसी भी पेड़ को काटने पर रोक लगा रखी है। हालांकि, पांच किलोमीटर के दायरे के बाहर कुछ शर्तों के साथ पेड़ों को काटने की अनुमति दी जा सकती है, जिसकी निगरानी सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी करती है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकारी रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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