NGT के आदेशों की अनदेखी, Saharanpur में मार्च से पहले ही धधक रहे ईंट भट्ठे
सहारनपुर जिले में बड़ी संख्या में ईंट भट्ठे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं। NGT ने इन भट्ठों को केवल मार्च से जून के बीच संचालित करने का निर्देश दिया था, लेकिन सर्दियों के मौसम में भी इनकी चिमनियां धुआं उगल रही हैं। इस अवैध संचालन से न केवल सहारनपुर बल्कि पड़ोसी जिलों मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली में भी वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
मेरठ के एक निवासी उत्कर्ष पवार ने क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को शिकायत भेजकर कहा है कि NGT के 19 दिसंबर 2025 के आदेश के बावजूद भट्ठे चल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भट्ठों से निकलने वाले धुएं का सीधा असर दमा, हृदय रोगियों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे कानूनी मंचों का सहारा लेंगे।
सहारनपुर भट्ठा समिति के अध्यक्ष बख्तावर सिंह ने स्वीकार किया कि NGT के आदेश आने से पहले कई भट्ठों में आग छोड़ी जा चुकी थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि समिति सभी संचालकों के साथ समन्वय कर रही है और एक-दो दिन में सभी भट्ठों को बंद करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में हर साल मार्च से जून के बीच ही संचालन किया जाएगा।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी योगेंद्र कुमार ने पुष्टि की कि ईंट निर्माता समिति ने NGT में शपथ पत्र देकर स्वेच्छा से मार्च से जून तक संचालन स्वीकार किया था। NGT ने अपने आदेश में समिति को इस शपथ पत्र का पालन करने का निर्देश दिया है।
