बाजिदपुर में नहर कटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न, किसानों को भारी नुकसान का डर
उत्तर प्रदेश के बाजिदपुर गांव के पास मध्य गंगा नहर की पटरी में अचानक आई दरार के कारण सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। नहर में पानी के अत्यधिक दबाव के चलते यह घटना शुक्रवार को हुई, जिससे खेतों में तेजी से पानी भर गया। इस घटना का सीधा असर गेहूं, आलू और सरसों की तैयार फसलों पर पड़ा है, जो कटाई के कगार पर थीं।
किसानों में रोष
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर जलभराव रोकने का प्रयास किया, लेकिन नहर के तेज बहाव के आगे उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। किसानों ने नहर विभाग के प्रति नाराजगी जताई है, उनका कहना है कि पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभाग की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते। नगौला, भानेरा सहित आसपास के गांवों की सैकड़ों बीघा भूमि प्रभावित हुई है।
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) एस.के. सिंह, प्रशिक्षु आईएएस शुभांशु कटियार, नायब तहसीलदार काजोल तोमर और नहर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर हालात का जायजा लिया और तत्काल कटान रोकने के लिए कार्य शुरू कराया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यदि किसी किसान की फसल को नुकसान हुआ है तो राजस्व टीम द्वारा सर्वे कराकर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। पुलिस, नहर विभाग और नगर पालिका के सहयोग से नहर का कटान बंद करा दिया गया है।
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