खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ते हालात पर मानवाधिकार आयोग की चिंता, Pakistan security चिंताजनक
पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 2025 के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। आयोग ने कहा कि यह क्षेत्र लगातार अस्थिर बना हुआ है और यहां बार-बार आतंकी हमले हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
एचआरसीपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2025 में पूरे पाकिस्तान में हुए 82 आतंकी हमलों में से लगभग दो-तिहाई खैबर पख्तूनख्वा और उसके पूर्ववर्ती कबायली जिलों में दर्ज किए गए। सितंबर 2025 में भी प्रांत में 45 आतंकी हमले हुए, जिनमें 54 लोगों की मौत हुई और 49 घायल हुए। इन हमलों का सीधा असर स्थानीय समुदायों पर पड़ रहा है, जो भय और अनिश्चितता के माहौल में जी रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) और क़ौमी वतन पार्टी (क्यूडब्ल्यूपी) के नेताओं ने भी सुरक्षा हालात को बेहद गंभीर बताया है। उनके अनुसार, प्रांत के बसे हुए इलाकों में भी कई उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं और संगठित आपराधिक नेटवर्क कानून-व्यवस्था को और जटिल बना रहे हैं। यह स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है।
