ऑस्ट्रेलिया में ‘हुल 096’: 5000 से ज्यादा बैटरी वाला दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक जहाज, जानें खास बातें
समुद्री परिवहन के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल हुई है। ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में दुनिया के सबसे बड़े बैटरी-इलेक्ट्रिक जहाज, ‘हुल 096’ का हार्बर ट्रायल सफलतापूर्वक शुरू हो गया है। यह जहाज, जिसे ऑस्ट्रेलिया की शिप बिल्डिंग कंपनी इनकैट तस्मानिया ने विकसित किया है, पूरी तरह से बैटरी की शक्ति पर संचालित होने वाला पहला जहाज है।
130 मीटर लंबा और लगभग 260 टन वजनी यह विशाल जहाज होबार्ट शहर की डेरवेंट नदी में परीक्षण के लिए उतारा गया है। कंपनी के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा बैटरी-संचालित समुद्री जहाज है। हार्बर ट्रायल के दौरान, जहाज की गति, स्टीयरिंग क्षमता और बैटरी सिस्टम के प्रदर्शन का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है।
‘हुल 096’ की सबसे खास बात इसकी विशाल बैटरी क्षमता है। इसमें 5000 से अधिक बैटरियां लगाई गई हैं, जिनकी कुल क्षमता 40 मेगावॉट-ऑवर (MWh) है। यह क्षमता किसी भी मौजूदा समुद्री जहाज में इस्तेमाल की गई बैटरी क्षमता से लगभग चार गुना अधिक है। इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह जहाज पूरी तरह से जीरो-इमिशन है, अर्थात इसके संचालन से कोई प्रदूषण नहीं फैलता। यह एक बार में 2100 यात्रियों और 225 वाहनों को ले जाने में सक्षम है।
इस अत्याधुनिक जहाज के निर्माण में लगभग दो साल का समय लगा है। सफल परीक्षणों के बाद, इसे व्यावसायिक सेवाओं में शामिल किया जाएगा, जिससे समुद्री यात्रा को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। यह पहल भविष्य में स्थायी समुद्री परिवहन के लिए एक नया मानक स्थापित कर सकती है।
