मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़, रेलवे और रोडवेज ने कसी कमर: स्पेशल ट्रेनें और 450 बसें चलेंगी!
मकर संक्रांति का पावन पर्व नजदीक आते ही, गोरखपुर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इस अवसर पर, लाखों भक्तों को गोरखनाथ मंदिर तक सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए रेलवे और परिवहन निगम ने अपनी कमर कस ली है।
रेलवे प्रशासन की ओर से, गोरखपुर से आनंदनगर-नौतनवा और गोरखपुर-बढ़नी रूट पर दो जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें विशेष रूप से चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इसके अतिरिक्त, रोडवेज 13 विभिन्न रूटों पर 450 बसों का संचालन करेगा, जिसमें नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी जोड़ा गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भी आसानी से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, रेलवे और परिवहन निगम ने कई पुख्ता इंतजाम किए हैं। स्टेशन डायरेक्टर रतनदीप गुप्ता ने बताया कि नकहा जंगल स्टेशन पर, जहां खिचड़ी मेला के दौरान भारी भीड़ होती है, 13 से 16 जनवरी तक सभी यात्री ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाएगा। गोरखपुर और नकहा जंगल स्टेशनों पर अतिरिक्त जनरल टिकट काउंटर खोले जाएंगे ताकि टिकट खरीदने में लगने वाला समय कम हो सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए, अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल (RPF) तैनात किए जाएंगे। पेयजल और प्रसाधन केंद्रों की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी, और जगह-जगह पूछताछ केंद्र, हेल्प डेस्क और हेल्थ डेस्क स्थापित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए समर्पित रेलकर्मी भी तैनात रहेंगे। स्टेशन परिसर और प्लेटफार्मों पर विशेष साफ-सफाई का ध्यान रखा जाएगा, और एनाउंस सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को ट्रेनों की नवीनतम जानकारी लगातार मिलती रहेगी। भीड़ को देखते हुए, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भी अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जाएंगी।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह ने बताया कि गोरखपुर से बढ़नी, नौतनवा, महराजगंज, बलरामपुर, गोंडा और नेपाल के समीपवर्ती क्षेत्रों सहित कुल 13 रूटों पर 450 बसें चलाई जाएंगी। बस संचालन के लिए रूटों को चिह्नित कर लिया गया है। गोरखपुर बस स्टेशन के साथ-साथ गोरखनाथ मंदिर में भी कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए, गोरखपुर बस स्टेशन से गोरखनाथ मंदिर के बीच शटल सेवा के रूप में इलेक्ट्रिक बसें भी चलाई जाएंगी। बाहर से आने वाली बसें गोरखपुर स्टेशन पर ही रुक जाएंगी, जिससे शहर के अंदर यातायात सुचारू बना रहेगा।
बस स्टेशन परिसर में रैन बसेरा, प्रसाधन केंद्र और अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से बसों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भी बसों की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। संबंधित अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मकर संक्रांति के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलें।
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