ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान को कैसे हराया? नेवी चीफ ने बताई पूरी रणनीति
चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना की आक्रामक रणनीति का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे इस ऑपरेशन ने पाकिस्तानी नौसेना को अपने बंदरगाहों तक सीमित रहने के लिए मजबूर कर दिया। नेवी चीफ ने 4 दिसंबर को मनाए जाने वाले नौसेना दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं।
एडमिरल त्रिपाठी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘बस इतना कहना काफी है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आक्रामक रवैये और तुरंत कार्रवाई, जिसमें उत्तरी अरब सागर में कैरियर बैटल ग्रुप की तैनाती भी शामिल थी, ने पाकिस्तानी नेवी को अपने पोर्ट्स या मकरान कोस्ट के पास रहने पर मजबूर कर दिया।’
नेवी चीफ ने देशवासियों को एडवांस में नेवी डे की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि 3 दिसंबर को एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल होंगी। उन्होंने कहा, ‘4 दिसंबर 1971 को हमारे हिम्मत वाले और निर्णायक हमलों से दुश्मन की इच्छाशक्ति टूट गई थी। मैं कहने की हिम्मत करता हूं कि इसने युद्ध का रास्ता बदल दिया। यह दिन हमारे लिए अपने हीरोज़ को याद करने और युद्धों के दौरान उनके बलिदान के लिए बहादुर नेवी वॉरियर्स को श्रद्धांजलि देने का भी दिन है।’
बता दें कि इंडियन नेवी ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अहम भूमिका निभाई, जिससे आखिरकार बांग्लादेश बना। नेवी का मुख्य काम पाकिस्तान के पूर्वी और पश्चिमी तटों को ब्लॉक करना, सप्लाई लाइनों को रोकना और पाकिस्तान की समुद्री क्षमताओं को कमजोर करना था। इस साल का नेवी डे 3 दिसंबर को केरल के तिरुवनंतपुरम में शंगुमुघम बीच पर मनाया जाएगा।
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