दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: उज्जैन से लौट रहे गाजियाबाद के चार युवकों की मौत, परिवार में मातम
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे में उज्जैन महाकाल के दर्शन कर लौट रहे गाजियाबाद के चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा जयपुर के पास हुआ, जिससे परिजनों में मातम पसर गया है। मृतकों में दो सगे चचेरे भाई शामिल हैं, जो अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। इस घटना ने कई परिवारों को तोड़ दिया है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
हादसे का शिकार हुए युवकों में राहुल गुप्ता और उनके चचेरे भाई प्रिंस शामिल हैं। वे अपने दो अन्य साथियों, विक्रम सिंह और पारस के साथ उज्जैन महाकाल के दर्शन कर कार से लौट रहे थे। यात्रा खुशियों से भरी थी, लेकिन वापसी में एक अनहोनी ने सब कुछ तबाह कर दिया। इस हादसे में चार युवकों की जान चली गई, जबकि बृजमोहन को मामूली चोटें आईं।
परिवारों के लिए यह खबर किसी सदमे से कम नहीं थी। सोमवार रात जब यह खबर पहुंची तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। राहुल गुप्ता, जो शादीशुदा थे और जिनके दो छोटे बेटे हैं, अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। वहीं, उनके चचेरे भाई प्रिंस गुप्ता 12वीं के छात्र थे और वह भी अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। इस घटना ने दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।
जानकारी के अनुसार, राहुल गुप्ता ने अपने साले बृजमोहन की कार ली थी। बृजमोहन भी यात्रा में साथ थे, लेकिन वह कार के सबसे पीछे की सीट पर बैठे थे, जिस कारण उन्हें मामूली चोटें आईं। उन्होंने ही पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। बृजमोहन ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले तक वह गाड़ी चला रहे थे, लेकिन नींद आने पर उन्होंने राहुल को स्टीयरिंग थमा दी थी। मदद मिलने में देरी होने से युवकों को बचाया नहीं जा सका।
हादसे के बाद, राहुल और प्रिंस के शव सुबह तक खोड़ा पहुंचे, जहां बारिश के बीच शाम को गाजीपुर स्थित अंत्येष्टी स्थल पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी और तेज रफ्तार वाहनों से होने वाले खतरों को फिर से उजागर किया है।
