HIV पॉजिटिव माताओं ने दिए स्वस्थ बच्चों को जन्म, करनाल स्वास्थ्य विभाग की बड़ी जीत
करनाल स्वास्थ्य विभाग ने एड्स नियंत्रण के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। पिछले पांच वर्षों में, जिले में 87 एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं ने सफलतापूर्वक स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है। यह सफलता स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों और प्रभावी उपचार योजनाओं का परिणाम है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2025 तक की अवधि में, जिले में कुल 1504 एचआईवी पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जिनमें 87 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। विशेष रूप से, पिछले वर्ष 2025 में, 12,421 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें से 10 एचआईवी पॉजिटिव पाई गईं। इन सभी महिलाओं ने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है।
एड्स, एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम, एचआईवी वायरस के कारण होता है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है। यह मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त और सुइयों के माध्यम से फैलता है। हालांकि, समय पर उपचार और सावधानी बरतने से इसे नियंत्रित किया जा सकता है और संक्रमित माताओं से बच्चों में संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है।
एड्स के लक्षणों में बुखार, थकान, सूजी हुई लिम्फ नोड्स, गले में खराश, त्वचा पर चकत्ते, रात में पसीना आना, मांसपेशियों में दर्द, वजन घटना और बार-बार संक्रमण शामिल हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एचआईवी पॉजिटिव मरीजों को प्रतिमाह 2250 रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है, बशर्ते वे बीपीएल श्रेणी में आते हों। डिप्टी सीएमओ डॉ. मनीष ने लोगों से नियमित एचआईवी परीक्षण कराने और पॉजिटिव पाए जाने पर समय पर दवा लेने की अपील की है, ताकि एड्स के प्रसार को रोका जा सके और स्वस्थ जीवन जिया जा सके।
